संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। दादा खेड़ा परिसर में रविवार को ब्रह्माकुमारी बहनों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि यदि मानवता को बचाना है तो प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण आवश्यक है। इसका कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज हमारे खाद्य पदार्थ रसायनों और पेस्टीसाइड्स के कारण जहरीले हो चुके हैं। पहले कहा जाता था कि दिन में एक सेब खाओ और बीमारियों को दूर भगाओ, लेकिन आज वही सेब भी रसायनों के कारण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो गया है। उन्होंने उपभोक्तावादी संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि अधिक उत्पादन की होड़ में हमने अपनी जमीन की उर्वराशक्ति को नष्ट कर दिया है और जैव विविधता खतरे में पड़ गई है।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने सभी से उपभोक्तावादी जीवनशैली में बदलाव लाने का आह्वान किया ताकि पर्यावरण में हो रहे असंतुलन को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और योजनाओं में अक्षय ऊर्जा, पर्यावरण अनुकूल निर्माण और वनस्पतियों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने सभी से अपील की कि हर व्यक्ति एक पौधा अवश्य लगाए और उसका संरक्षण करे। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों के साथ पुजारी सोनू भारद्वाज, टिंकू, बबीता रानी, सुनीता रानी, पूनम बहन, शुभम गर्ग और छोटे-छोटे बच्चों ने भी पौधे लगाए और उन्हें सहेजने का संकल्प लिया।
रविवार को आंवला, गुड़हल, गुलाब, स्वंजना, बहेड़ा सहित कई फलदार, फूलदार और छायादार पौधे लगाए गए।