कैथल। रिंग में लगाए गए एक-एक पंच ने कैथल के सैकड़ों युवाओं की जिंदगी की दिशा बदल दी है। आरकेएसडी कॉलेज स्टेडियम में वर्ष 1993 से संचालित बॉक्सिंग नर्सरी केवल खिलाड़ियों को तैयार नहीं कर रही बल्कि उन्हें सरकारी नौकरी तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम भी बन चुकी है। इस नर्सरी से प्रशिक्षण लेकर अब तक 200 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी हासिल कर चुके हैं, जबकि कई खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं।
इस नर्सरी की नींव कोच राजेंद्र सिंह ने रखी थी। वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे प्रतिदिन शाम को नि:शुल्क प्रशिक्षण देने पहुंचते हैं। वर्ष 2014 से कोच गुरमीत सिंह और डीपीई विक्रम ढुल भी खिलाड़ियों को तराशने में जुटे हैं। विक्रम ढुल स्वयं भी इसी नर्सरी के खिलाड़ी रहे हैं और राजेंद्र सिंह से ही बॉक्सिंग की बारीकियां सीखी हैं।
उपलब्धियां देती हैं सफलता की गवाही
नर्सरी की उपलब्धियां इसकी सफलता की गवाही देती हैं। यहां के खिलाड़ी अब तक 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, 500 से ज्यादा राष्ट्रीय और 3000 से अधिक राज्य स्तरीय पदक जीत चुके हैं। रोजाना सुबह 5 से 7 बजे तक करीब 80 और शाम 5 से 8 बजे तक लगभग 200 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। यहां छोटे बच्चों से लेकर युवा खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है।
एक बार खिलाड़ी आया तो फिर खाली हाथ नहीं जाएगा : कोच
कोच राजिंद्र सिंह, विक्रम ढुल व गुरमीत सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल पदक जिताना नहीं बल्कि खिलाड़ियों का भविष्य संवारना है। अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी इस नर्सरी से जुड़ रहे हैं और अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं। जिसको भी लगता है, उसके अंदर जज्बा है और वे बॉक्सिंग की रिंग में कुछ कर सकता है तो वे यहां आ सकता है। कोच कहते हैं कि यहां से खिलाड़ी खाली हाथ वापस नहीं जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे कैथल के मुक्केबाज
आरकेएसडी कॉलेज की बॉक्सिंग नर्सरी से निकले कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके हैं। इनमें मनीषा मौण, कीर्ति ढुल, योगेश ढांडा, लाशू यादव, स्नेहा तंवर, संजना, नेहा यादव, कोमल भाल, भावना धीमान, अंजलि और श्वेता सैनी प्रमुख हैं। इन खिलाड़ियों ने विश्व चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। कई खिलाड़ी आगामी कॉमनवेल्थ खेलों और ओलंपिक की तैयारियों में जुटे हैं।