जिले में इस बार विद्यार्थियों के लिए किताबों की कमी नहीं रहेगी। सर्व शिक्षा अभियान के तहत 25 मार्च तक जिले के सभी स्कूलों में किताबें पहुंच जाएंगी। पिछले वर्ष शिक्षा का सत्र शुरू होने के आठ महीने बाद किताबें प्रदेश के स्कूलों में पहुंची थीं लेकिन शिक्षा विभाग ने इस बार विद्यार्थियों की समस्या को देखते हुए अभी से स्कूलों में किताबें पहुंचानी शुरू कर दी हैं। जिले के स्कूलों में सातवीं व आठवीं की किताबें सत्र के शुरू होने से पहले ही पहुंच चुकी हैं, जबकि अन्य कक्षाओं की किताबें 25 मार्च से पहले सभी स्कूलों में भेज दी जाएंगी। किताबाें के शिक्षा सत्र पहले स्कूलों में पहुंचने से जिले के 632 स्कूलों के 95,652 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा।
जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र मोर ने बताया कि पिछले वर्ष जिले के स्कूलों में किताबें देरी से आने के कारण विद्यार्थियों को अनेक प्रकार की समस्याओं को सामना करना पड़ा था। विभाग ने विद्यार्थियों को समस्याओं को देखते हुए शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही जिले के स्कूलों में किताबें भेजना शुरू कर दिया है। जिले के स्कूलों में कक्षा सातवीं व आठवीं की पुस्तकें पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि जिले में कक्षा पहली से लेकर कक्षा पांचवीं तक के करीब 56 हजार ओर कक्षा छठी से आठवीं तक के करीब 40 हजार विद्यार्थियों को किताबों का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले के करीब 632 स्कूलों में किताबें वितरित की जाएगी।
आठ महीने तक किताबें नहीं पहुंची थी
जिले के स्कूलों में शिक्षा के सत्र शुरू होने के आठ महीने तक पुस्तकें नहीं पहुंची थीं। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी व अध्यापक कक्षाओं में खाली बैठकर घर लौट जाते थे जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ था।
संघ ने फैसले का स्वागत किया
जिले के स्कूलों में शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले किताबें भेजने के फैसले का स्वागत किया है। जिला सचिव सतबीर गोयत ने बताया कि पिछले वर्ष विद्यार्थियों ने स्कूल में किताबें पहुंचने की उम्मीद ही छोड़ दी थी लेकिन इस वर्ष विभाग का समय पर पुस्तकें भेजने के निर्णय सही है। संघ इस फैसले का स्वागत करता है।