संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारत-अमेरिका टैरिफ वार का असर अब आम उपभोक्ताओं पर भी साफ नज़र आने लगा है। अमेरिका की ओर से टैरिफ 50 फीसदी बढ़ाए जाने के बाद भारतीय डाक विभाग ने 25 अगस्त से अमेरिका जाने वाले अधिकांश डाक वस्तुओं की बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी है। इससे अमेरिका में रह रहे भारतीयों तक दवाइयों और अन्य ज़रूरी सामान की सप्लाई बाधित हो गई है।
कैथल जिले में रोज़ाना 12 से अधिक लोग अमेरिका में अपने परिजनों को डाक के माध्यम से दवाइयां भेजते थे। लेकिन अब यह सेवा बंद हो जाने से लोग पोस्टल सेवा के बजाय महंगे कोरियर का सहारा लेने को मजबूर हैं। सोमवार से डाकघर से दवाइयां भेजना पूरी तरह बंद हो गया और लोग निजी कोरियर के माध्यम से दवाइयां व अन्य सामान भेज रहे हैं।
कोरियर से बढ़ा खर्च ः डाक विभाग की जगह लोग अब कोरियर सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इससे खर्च कई गुना बढ़ गया है। जहां डाक विभाग एक पार्सल 1000 से 1200 रुपये में भेज देता था, वहीं कोरियर कंपनियां अब उसी सामान के लिए 2000 से 2500 रुपये तक चार्ज ले रही हैं। इसके साथ ही डाक विभाग पर बनी लोगों की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है।
कैथल मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर संजय सोनी ने बताया कि जिले में इसका सबसे अधिक असर दवाइयों की सप्लाई पर पड़ा है। पिछले कई दिनों से कोई भी व्यक्ति डाक से दवाइयां अमेरिका भेजने के लिए उनके पास नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आने वाले दिनों में कोई
वैकल्पिक व्यवस्था करती है, तो उसे लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि डाक विभाग का यह कदम अमेरिका की ओर से 50 फीसदी टैरिफ लागू करने के ऐलान के बाद उठाया गया है। पहले भारत से निर्यात होने वाले सामान पर 25 फीसदी टैरिफ लगता था, जिसे 27 अगस्त से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया है।
अब भी भेज सकते हैं गिफ्ट आइटम
डाक विभाग ने 25 अगस्त से अमेरिका जाने वाले सभी तरह के अंतरराष्ट्रीय डाक की बुकिंग बंद कर दी है। हालांकि पत्र/दस्तावेज़ और 100 अमेरिकी डॉलर तक के गिफ्ट आइटम अभी भी भेजे जा सकते हैं। नए नियमों के तहत 800 डॉलर तक के सामान पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी की छूट भी समाप्त कर दी गई है। पहले कम कीमत वाले सामान बिना शुल्क के अमेरिका पहुँच जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा।
24 कैथल। मुख्य डाकघर में डाक एकत्रित करता कर्मी। संवाद
24 कैथल। मुख्य डाकघर में डाक एकत्रित करता कर्मी। संवाद