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Kaithal News: नीली क्रांति ः मत्स्य पालन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Sun, 20 Apr 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले में 30 अप्रैल तक मछली पालन विभाग की ओर से ‘मत्स्य पखवाड़ा’ आयोजित किया जा रहा है। इसमें जिले में अलग-अलग जगह जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाना है। जिसमें मत्स्य विभाग के अलावा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अधिकारियों की ओर से भी भाग लिया जाएगा।

गौरतलब है कि मत्स्य पालन का एकीकृत विकास और प्रबंधन की योजना को ही नीली क्रांति कहा जाता है। यह योजना जलीय कृषि और मत्स्य संसाधनों के माध्यम से मछली उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने पर केंद्रित है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
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डीसी प्रीति ने बताया कि मत्स्य पालन विभाग की ओर से चलाई जा रही स्कीमों अनुसार मत्स्य पालक किसानों को जागरूक करना व मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित गई हैं। जिसके तहत 40 से 60 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है, ताकि मत्स्य पालकों की आमदनी को बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसमें अनुसूचित जाति कल्याण योजना के तहत पंचायती तालाबों को पट्टे पर लेने पर प्रथम पट्टा धनराशि पर 50 हजार रुपये या 50 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर की दर से जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।

वहीं, मछलियों के खाद-खुराक पर कुल लागत एक लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का 60 प्रतिशत या 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही मछली पकड़ने के लिए 40 हजार रुपये तक का जाल खरीदने पर 60 प्रतिशत या धनराशि 24 हजार रुपये जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।

डीसी ने बताया कि इसके अलावा मछली व मछली उत्पाद विक्रय के लिए रेहड़ी खरीदने पर 60 प्रतिशत या 36 हजार रुपये जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार जिले में स्थित अधिसूचित पानियों (नदी व नहरों) को मछली पकडने के लिए निलामी द्वारा ठेका लेने पर पांच लाख रुपये या 50 प्रतिशत जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन्टेसिव फिशरीज डेव्लपमेंट प्रोग्राम योजना के तहत मत्स्य पालन पर अनुदान के लिए आवेदन आमन्त्रित करता है। जिसके अन्तर्गत निजी व पंचायती तालाबों के सुधार के लिए दो लाख प्रति हेक्टेयर की दर से सामान्य श्रेणी के लिए 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति व महिला के लिए 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मत्स्य पालन के लिए सोलर सिस्टम पर भी अनुदान दिया जाता है।
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डीसी प्रीति ने बताया कि इसी प्रकार मत्स्य किसानों को नए चौपहिया वाहन की खरीद पर कुल लागत धनराशि का 25 प्रतिशत या दो लाख 25 हजार रुपये जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। उपायुक्त ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन पर 40 से 60 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। अधिक जानकारी के लिए मत्स्य विभाग में संपर्क कर सकते हैं। यह फायदेमंद योजना है।
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