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बिना मास्क और सैनिटाइजर बूथों पर काम कर रहे बीएलओ

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निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद शनिवार और रविवार को चल रही शीत लहर में जिले में नए वोट बनाने, नाम ठीक करने सहित अन्य त्रुटियां ठीक करवाने के लिए लोगों से आवेदन भरवाए गए। जिन्हें बूथों पर पहुंचे बीएलओ ने फार्मों की औपचारिकताओं को पूरा करवाया। इस दौरान जब अमर उजाला की टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट के तहत जानकारी जुटाई तो कई बूथों पर मास्क और सैनिटाइजर की कमी दिखी और कई जगह पर कोविड 19 के नियमों की अनदेखी की जा रही थी। इसके अलावा कई बूथों पर कुछ बीएलओ मौके पर ही नहीं मिले। इस दौरान वोट बनवाने पहुंचे लोगों के लिए आयोग की ओर से निर्धारित औपचारिकताएं परेशानी का कारण बनी रहीं तो कही फार्म कम होने के कारण लोगों को निराश लौटना पड़ा। संवाद
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जिलेभर में आठ सौ बूथ
जिला निर्वाचन एवं उपतहसीलदार शमशेर सिंह ने कहा कि जिलेभर में कुल आठ सौ बूथ बनाए गए है। जो कि गुहला में 199, कलायत में 209, कैथल में 208, पूंडरी में 184 है। इनमें गांव व शहरी दोनों क्षेत्र शामिल है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इसके बाद भी वोट बनाए जाने से वंचित रह जाता है तो 15 दिसंबर तक अपने बीएलओ संपर्क कर सकता है। कोविड-नियमों के पालन के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया था। जहां से कोई मदद नहीं मिली। लेकिन बीएलओ को आयोग की ओर से 6000 रुपये सालाना दिया जाता है। जिसमें से सैनिटाइजर व अन्य सामग्री समायोजित की जा सकती है।
आईजी कालेज में बनाए तीन बूथ
आईजी कालेज में निर्वाचन विभाग की ओर से तीन बूथ बनाए गए है। बूथ नंबर 143, 144 व 145 पर क्रमश: संजीव शर्मा, विनय शर्मा व संजीव कुमार बीएलओ तैनात किए गए। यहां दोपहर बारह बजे तक आठ से दस वोट बनाए गए। यहां सैनिटाइजर की सुविधा नजर नहीं आई।
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जाट स्कूल कैथल में तीन बूथ
जाट स्कूल में तीन बूथ बनाए हुए थे। यहां तीन में से दो बीएलओ ही मौके पर मौजूद रहे। इनमें बूथ नंबर 154 का कार्यभार अमित, बूथ नंबर 155 राजबीर सिंह व बूथ नंबर 156 का दरबारा सिंह को कार्यभार सौंपा गया था। यहां पर बूथ नंबर 156 के बीएलओ मौके पर नहीं मिले। हालांकि दूसरे बीएलओ का कहना है कि वह किसी काम से बाहर गया है। वहीं बीएलओ अमित का कहना है कि फार्म नंबर सात कम पड़ जाते है। ये फार्म वोट कटवाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। जाट स्कूल में भी सैनिटाइजर नहीं पाया गया।
राजकीय प्राइमरी स्कूल हुडा में तीन बूथ
राजकीय प्राइमरी स्कूल सेक्टर 19 में जांच के बाद तीन बूथों की जानकारी मिली। जिसमें तीनों बीएलओ मौके पर मौजूद मिले। बूथ नंबर 110 बीएलओ भावना, 107 नंबर बीएलओ कमलकांता व बूथ नंबर 111 में बीएलओ अशोक को कार्य भार सौंपा गया। यहां पर वोट बनवाने पहुंचे शहरवासी दिपांशु गोयल ने बताया कि बार-बार चक्कर काटना पड़ रहा है। वोटर लिस्ट में उन लोगों के भी नाम नहीं हटाए जा रहे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
कम्यूनिटी सेंटर में तीन बूथ-
सेक्टर 20 के कम्यूनिटी सेंटर बूथ नंबर 113 में बलदेव सिंह, 114 में संगीता व 115 में बीएलओ राजेंद्र को कार्यभार सौंपा गया है। यहां बूथ नंबर 114 की बीएलओ मौके पर नहीं मिलीं। वहीं ओपी गुलाटी एडवोकेट ने कहा कि वो गलतियों को ठीक करवाने के लिए पहुंचे थे। फार्म पूरा हो गया, लेकिन चालान दूसरी जगह कटवाना पड़ेगा। चालान भरवाने की सुविधा भी बूथों पर ही दी जाए।
ग्रामीण क्षेत्र
गांव कुलतारन के राजकीय स्कूल में दो बूथ बनाए गए है। जिनमें बूथ नंबर 24 में बीएलओ गीता कालड़ा व बूथ नंबर 25 में बबीता बीएलओ मिलीं। गांव जगदीश पुरा में एक बूथ बनाया गया है। इसमें बूथ नंबर 23 गुलजार सिंह बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं राजकीय स्कूल शेरगढ़ में बूथ नंबर 184 में बीएलओ कृष्ण कुमार को कार्यभार दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक तीन नए वोट बनाए गए है।
मिडिल स्कूल देवीगढ़ में छह बूथ
राजकीय स्कूल देवीगढ़ में छह बूथ बनाए गए है। जिसमें सभी बीएलओ मौके पर मौजूद रहे। यहां सभी बीएलओ बिना मास्क और सोशल डिस्टेंस के काम करते दिखे।
बीएलओ को खुद करना पड़ता है खर्च
नाम न छापने की शर्त पर एक बीएलओ ने बताया कि उन्हें अपने खर्च पर गोंद, स्टैपलर, फल्यूड जैसी सामग्री खरीदनी पड़ती है। सैनिटाइजर व अन्य सामान खरीदने के लिए अलग से कोई राशि नहीं दी जा रही। उन्हें मिलने वाले 6 हजार रुपये साल के फिक्स हैं।
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