लड़की से मुलाकात करवाते हुए दुष्कर्म का केस दर्ज करवाने की धमकी देकर वसूली करने वाले गिरोह सदस्यों से पुलिस ने नकदी बरामद की है। रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी को अदालत में पेश कर दिया गया। जहां से उसे 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस पीआरओ रोशन लाल खटकड़ ने बताया कि जिले के एक कस्बे में क्लीनिक चला रहे एक डाक्टर के पास 3 मई 2013 को एक महिला व एक लड़की आई। लड़की ने जब ज्यादा तकलीफ होने की कहते हुए डाक्टर से अकेले मिलने की इच्छा जाहिर की। मरीजों के बाहर भेजते ही जब लड़की अशिष्ट हरकत करने लगी तो डाक्टर ने तुरंत अपने स्टाफ को बुलाया तो वे दोनों धमकी देते हुए फरार हो गईं।
घटना के 5 मिनट बाद ही वकील जयप्रकाश ढुल एडवोकेट का फोन आया कि दुष्कर्म का केस दर्ज होगा, अन्यथा एक लाख रुपये का प्रबंध कर लो स्वीटी से समझौता करवा दूंगा। बदनामी के डर से उसने 50 हजार रुपये दे दिए तो सीमा उर्फ स्वीटी से कथित तौर पर समझौता करवा दिया गया। पीआरओ ने बताया मामले की जांच सब इंस्पेक्टर सुल्तान सिंह ने करते हुए आरोपी स्वीटी उर्फ नंदीनी निवासी पानीपत व महिला राजपती निवासी पानीपत को गिरफ्तार कर लिया है। महिलाओं ने पूछताछ दौरान कबूला कि वे सेरधा वासी महिला के संपर्क में थीं। आरोपी महिलाओ ने कबूला कि नंदिनी को 5 हजार रुपये व राजपत को 3 हजार रुपये दिये गए थे।
इसी मामले में रिमांड पर चल रहे जयप्रकाश ढुल एडवोकेट के कब्जे से सबइंस्पेक्टर सुलतान सिंह ने 8 हजार रुपये नकदी बरामद कर ली। इसी प्रकार से एक अन्य संस्थान में एक चिकित्सक को भी ब्लैकमेल किया गया था। जिसमें एडवोकेट जेपी ढुल ने समझौता करवाने का आश्वासन देते हुए फोन किया तथा उसे ब्लैकमेल करते हुए लाखों रुपये हड़प लिए।