फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: भाकियू चढूनी ने 27 से 40 क्विंटल पंजीकरण बढ़ाने के लिए एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

विज्ञापन
चीका में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते किसान। किसान - फोटो : ARchive
विज्ञापन
गुहला-चीका। भाकियू चढूनी के बैनर तले किसानों ने धान पंजीकरण सीमा बढ़ाने की मांग के लिए जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। भाकियू चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा और जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेडी के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम कार्यालय पहुंचा और एसडीएम गुहला को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि वर्तमान में सरकार की ओर से तय की गई 27 क्विंटल प्रति एकड़ धान पंजीकरण की सीमा को बढ़ाकर 35 से 40 क्विंटल प्रति एकड़ किया जाए। किसानों का कहना है कि इस बार धान की बंपर पैदावार हुई है और औसत झाड़ 35 से 40 क्विंटल प्रति एकड़ तक आ रहा है। ऐसे में 27 क्विंटल की सीमा तय करने से किसानों की बाकी फसल सरकारी मंडियों में नहीं बिक पा रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा ने कहा कि सरकार एक तरफ तो किसानों को एमएसपी देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ पंजीकरण की सीमा कम रखकर किसानों को निजी व्यापारियों के हाथों लूटने के लिए मजबूर कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब किसान अपनी फसल सरकारी रेट पर नहीं बेच पाता तो उसे मजबूरी में अपनी फसल 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ती है। इस अवसर पर पाला राम, रत्ना भागल, रामदीया, गुरजंट टटियाना, परमजीत सिंह, गुरदेव सिंह, लाल सिंह और धर्मवीर सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

-
आश्वासन के बावजूद पोर्टल पर नहीं हुआ बदलाव
जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेड़ी ने कहा कि कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कुछ दिन पहले किसानों को आश्वासन दिया था कि पंजीकरण सीमा को 27 से बढ़ाकर 37 क्विंटल किया जाएगा लेकिन आज तक पोर्टल पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार के इस रवैये से किसानों में भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पंजीकरण सीमा नहीं बढ़ाई गई तो भाकियू चढूनी बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होगी। ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने यह भी मांग की कि धान खरीद सीजन को देखते हुए पोर्टल को दोबारा खोला जाए और जिन किसानों का पंजीकरण किसी कारण से नहीं हो पाया है, उन्हें भी मौका दिया जाए। इसके साथ ही मंडियों में उठान की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि चीका-कैथल रोड पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके।

चीका में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते किसान। किसान- फोटो : ARchive

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें