संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी (कैथल)। पूंडरी से भाजपा विधायक सतपाल जांबा का महिला सरपंच के बारे में दिया गया विवादित बयान चर्चा में है। इसका एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। यह गत सात नवंबर का बताया जा रहा है। बताते हैं कि फरल में उन्होंने यह विवादित टिप्पणी की और पबनावा में इसकी माफी भी मांगी पर फिलहाल यह मुद्दा गरम है और समाज के लोगों में नाराजगी दिख रही है।
गौरतलब है कि भाजपा विधायक सतपाल जांबा चुनाव जीतने के बाद अपने हलके में धन्यवादी दौरे कर रहे हैं। इसी कड़ी में जब वह एक कार्यक्रम के दौरान एक गांव में पहुंचे तो मंच पर वहां की महिला सरपंच मौजूद नहीं थीं। उसकी जगह उनके पति बतौर सरपंच प्रतिनिधि आए हुए थे। अपने संबोधन के दौरान जब विधायक ने सरपंच प्रतिनिधि से पूछा कि आप प्रतिनिधि हो तो गांव की सरपंच कहां हैं। इस पर सरपंच प्रतिनिधि ने कहा कि वह तो घर पर हैं जी।
इस पर विधायक सतपाल जांबा ने सरपंच प्रतिनिधि से बोला कि उन्हें भी बुला दो, हमें भी थोड़ी फीलिंग आ जाएगी कि हमें भी कोई देखने आया है। विधायक सतपाल जांबा महिला सरपंच के ऊपर की गई यह टिप्पणी हलके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में गांव में फल्गु तीर्थ पर ही कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला हेमामालिनी पर की इसी तरह की टिप्पणी को लेकर विवादों में आ गए थे और यह विषय महिला आयोग तक पहुंच गया था। हलका विधायक सतपाल जांबा गांव की महिला सरपंच पर की गई टिप्पणी पर गांव पबनावा में माफी मांगते भी दिखे। वह गांव फरल की सरपंच को बहन बताते दिखे लेकिन फिर भी गांव फरल के राजपूत समाज में विधायक की इस टिप्पणी को लेकर नाराजगी है।
ग्रामीणों कंवरपाल, तेजपाल सिंह, अमन, बिजेंद्र सिंह, गौतम, राजेंद्र, चंद्रपाल, संजीव, रणदीप सिंह, कुलदीप सिंह ने बताया की विधायक का पद एक संवैधानिक और सम्मानित पद होता है। इस पद की गरिमा होती है और इस पद की गरिमा को हर हाल में बनाए रखना होता है। विधायक को महिला सरपंच के प्रति की गई इस तरह टिप्पणी पर गांव में आकर माफी मांगनी चाहिए।
नाराज ग्रामीणों का कहना है कि भरी सभा में पूंडरी हलके के बड़े गांव के सरपंच प्रतिनिधि को उनको वोट न देने पर बेइज्जत करना भी जायज नहीं है। विधायक को सांसद नवीन जिंदल से सीख लेनी चाहिए कि उन्हें जिसने वोट दिया और जिसने नहीं दिया वे सभी को बराबर सम्मान दे रहे हैं।
इस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि उनके कहने का गलत मतलब निकाला गया है। उन्होंने केवल सरपंच प्रतिनिधि की बजाय सरपंच को कार्यक्रम में शामिल होने की बात कहने का भाव से ऐसा कहा था। इस मामले में वे सार्वजनिक तौर पर माफी मांग चुके हैं।