संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिहोवा चौक स्थित राजीव गांधी विद्युत सदन में सोमवार को बिजली निगम के उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक हुई। इसमें करीब ढाई लाख रुपये बिजली बिल की समस्या लेकर कलायत से एक उपभोक्ता पहुंचा लेकिन उसे समाधान नहीं मिला।
उपभोक्ता ने बताया कि बिजली निगम ने उसे दो लाख 40 हजार रुपये का बिल भेजा गया है जबकि वह अन्य उपभोक्ता इतनी ही बिजली खर्च करता है। अलग से उसके घर में कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं लगा हुआ, जो इतना बिजली का बिल आ जाए। इसके अलावा उसने दिसंबर 2023 में अपना बिजली बिल पूरा भर दिया था। अप्रैल 2024 में उसे फिर से ये दो लाख 40 हजार का बिल थमा दिया गया, जिसे भरने में वह असमर्थ है।
परेशान उपभोक्ता ने बताया कि बिजली बिल को लेकर वह बार-बार विभाग के चक्कर काट रहा है। कभी कलायत तो कभी कैथल के अधिकारियों से मिलता है। हर बार उसे कोई न कोई बहाना बनाकर भेज दिया जाता है।
युवक ने बताया कि सोमवार को अधिकारियों ने उसे कहा कि ये औसतन बिल है जिसे अदा करना ही पड़ेगा। युवक ने बताया कि बिल एक बार में ही निगम ने भेजा है। उसका जो घर का बिल आता था वो एक हजार से 1500 रुपये आता था। वहीं एक अन्य उपभोक्ता कौल निवासी सतपाल उसके मकान के ऊपर से 11 हजार वोल्टेज की हाईटेंशन तार निकली हुई है। इस हटाने के लिए कई बार अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों से भी मिल चुका है लेकिन नतीजा सिफर है। जेई और एसडीओ से भी फरियाद कर चुके हैं। करीब तीन महीने पहले भी चंडीगढ़ से आए अध्यक्ष से मिला था, लेकिन कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई। सतपाल ने कहा कि यदि अब भी उसकी सुनवाई नहीं की गई तो वह अपनी शिकायत लेकर सीधे मुख्यमंत्री के पास जाएंगे।
इससे पूर्व कष्ट निवारण फोरम पंचकूला से पहुंचे अधिकारियों ने बिजली संबंधित उन शिकायतों की सुनवाई की, जिनका समाधान स्थानीय अधिकारियों से नहीं हो सका था। बैठक में बिजली बिल, हाईटेंशन तार सहित मीटर की खराबी से संबंधित शिकायतें सामने आई।
इस दौरान बिजली निगम के उपभोक्ता फोरम के सदस्य हीरा लाल ने बताया कि फोरम के समक्ष अधिकतर बिजली बिल और ढीले तार और खंभे बदलने से संबंधित शिकायतें आती हैं। अधिकतर शिकायतों का समाधान हो जाता है। यदि कोई शिकायत लंबित रहती है तो उसका जल्द समाधान करने का प्रयास रहता है।