पाई। करोडा गांव में दादी सती माता स्थल पर मेले, हवन तथा भंडारा आयोजित किया गया। ट्रस्ट के प्रधान सत्यवान ने बताया कि दादी सती स्थल पर प्रति वर्ष भादव कृष्ण पक्ष पंचमी को मनाई जाती है। उन्होंने बताया कि इस स्थल पर लगभग 10 से 15 हजार की संख्या में ग्रामवासी व आसपास के गांव के लोगों भंडारे का प्रसाद लेते है और अपनी मांग मांगते है। उन्होंने बताया कि यहां पर सच्चे दिल से मांगी सारी मुरादें पूरी होती है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात्रि को विशाल जागरण का आयोजन किया गया जिसमें दादी सती का गुणगान गायक रामधन ने किया और सुबह हवन, भंडारे व मेले का आयोजन किया गया। हवन व भंडारे में सत्यवान, जगदीश, महिपाल, दिलबाग, संजीव, रोशन लाल आदि अनेक गणमान्य ग्रामीणों ने भाग लिया।
ग्रामीणों ने बताया की कई सदियों पूर्व करोड़ा गांव के जाट समुदाय के एक युवक का रिश्ता बिठमड़ा गांव की कन्या से हुआ था। यह युवक पास के ही जंगल में भैंसें चराने के लिये गया हुआ था, तो उसको सांप ने काट लिया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। युवती अपने गांव में थी और रात को उसके सपने में दिखाई दिया की उसके पति की जंगल में सांप के काटने से मृत्यु हो गई है। उसके कहने पर उसके परिवार व उसके गांव वाले उस जंगल में आये जहां पर उस युवती ने बताया था। उन्होंने आकर देखा कि उसके पति का शव वहां पर पड़ा हुआ है। इस पर उस युवती ने अपने पति के साथ चिता में जलने का निर्णय लिया। जिससे वह सती बन गई। उन्होंने बताया की करोड़ा गांव का रहने वाला यदि कितनी भी दुर हो तो भादव कृष्ण पक्ष की पंचमी को वह सती दादी के मंदिर में जरूर पूजा करने आता है।