गांव ककहेड़ी निवासी एक किसान से किश्त टूटने पर चोलामंडलम के कर्मचारियों ने ट्रैक्टर छीन लिया। जिसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने चोलामंडलम कार्यालय के बाहर धरना दिया और शटर पर ताला लगा दिया। जिस कारण कर्मचारी कार्यालय में ही बंधक बनकर रह गए।
किसान ककहेड़ी निवासी केहर सिंह ने बताया कि उसने करीब 5 लाख रुपये कीमत का ट्रैक्टर इस फर्म के माध्यम से खरीदा था। जिसके लिए 90 हजार रुपये की किश्तें बनाई गई हैं। दो किश्त उसने जमा करवा दी। तीसरी किश्त भरने में वह लेट हो गया। कोरोना के कारण दिक्कत थी। इसी बीच चोलामंडलम के कर्मचारी उसका ट्रैक्टर छीन लाए। जिस कारण उसने भाकियू की शरण ली। भाकियू नेता होशियार सिंह गिल, भूरा राम पबनावा, महेंद्र सिंह ने कहा कि किसान कोरोना संक्रमण के कारण किश्त नहीं भर पाए तो क्या ट्रैक्टर ही छीन लिया जाएगा। जब तक ट्रैक्टर नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर भाकियू ने कार्यालय के शटर पर ताला लगा दिया और नारेबाजी की। सूचना मिलने पर एसएचओ सिविल लाइन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ फर्म के अधिकारियों की बैठक करवाई। जिसमें बातचीत के अनुसार किसान पर जुर्माना कम करके किश्त भरने के बाद ट्रैक्टर छोड़ने पर सहमति बनी और किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
चोलामंडलम के मैनेजर अमरजीत ने कहा कि किश्त भरने पर किसान को ट्रेक्टर दे दिया जाएगा। किसान की किश्त जमा नहीं हुई थी।