कलायत। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में कलायत अनाज मंडी में भाकियू कार्यकर्ताओं न प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। चढूनी का कहना था कि कलायत की अनाज मंडी में कर्मचारी मिलर्स व व्यापारी सभी मिल कर किसान को लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से उनकी हुई बात के आधार पर 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाली धान की ढेरी को भी निर्धारित कटौती के साथ खरीदा जाएगा। कलायत की अनाज मंडी में किसान लुट रहा है तथा उनकी 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाली ढेरी को खरीदा ही नहीं जा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कलायत अनाज मंडी में किसान के साथ पूरी तरह से निरंकुश व्यवहार किया जा रहा है। जब दिल करता है बोली शुरू कर दी जाती है तथा जब दिल करता है उसे बंद कर देते हैं। पिछले कई दिनों से बोली शुरू ही नही हुई। कल भी सायं 5 बज कर 10 मिंट पर बोली शुरू हुई तथा 6 बजे उसे बंद कर दिया गया। अधिकारी, कर्मचारी व व्यापारी सब मिल कर स्कीम बना रहे हैं कि अनाज मंडी में अपनी फसल को बेचने के लिए किसान को किस तरह से लूटा जाए।
भाकियू के प्रदर्शन को लेकर डीएफएसी मोनिका मलिक मौके पर पहुंची तथा प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनी। प्रदर्शनकारियों ने उनके सामने उन किसानों को भी पेश किया जिनकी 17 प्रतिशत से ऊपर नमी के धान को नही खरीदा गया था। डीएफएससी ने मौके पर जाकर उस किसान की ढेरी का निरीक्षण किया पर किसान का कहना था कि वह अपने धान को बेचने में कटौती नही करवाना चाहता इसीलिए उसे सुखा रहा है। मलिक ने कहा कि सरकारी नार्मस के साथ खरीद कार्य हो रहा है। वे तो क्या कोई भी कर्मचारी नार्मस के तहत खरीद से मना नही कर सकता।
नही मिली कोई शिकायत
अंबाला मंडल भाकियू प्रधान जिया लाल ढुंडवा ने कहा कि उन्होंने कल ही कलायत की अनाज मंडी का दौरा किया था पर किसी भी किसान ने उनसे इस बारे कोई शिकायत नही की। गुरुनाम सिंह चढूनी को कैसे कलायत मंडी की शिकायत मिली उन्हें नही पता। उनके प्रदर्शन में कलायत खंड का कोई भी कार्यकर्ता साथ नही था। कलायत में हो रहे धान खरीद पर उन्होंने संतोष प्रकट किया।