कैथल। जिला परिषद भवन में शुक्रवार को हुई परिषद की बैठक के बाद पार्षदों ने जमकर रोष प्रकट किया। कई पार्षदों ने विकास के लिए ग्रांट ना मिलने पर रोष जताया तो कइयों ने अपने काम ना होने का रोना रोया। पार्षदों ने कहा कि कार्यालय में कमरों व गाड़ियों के लिए तो पैसे हैं, लेकिन पार्षदों के माध्यम से विकास के लिए पैसा नहीं हैं। वहीं चेयरमैन ने किसी प्रकार के भेदभाव से इंकार करते हुए कहा कि जिला परिषद के माध्यम से सभी आवश्यक कार्य किए जाएंगे। बैठक में रखे गए सभी एजेंडों पर सहमति से विचार-विमर्श के बाद पारित कर दिया गया है।
जिला परिषद चेयरमैन सुखविंद्र कौर की अध्यक्षता में जिला परिषद की बैठक परिषद कार्यालय में हुई। जिसमें 21 में से 20 पार्षदों ने भाग लिया। बैठक में पिछली बैठक में पारित किए गए एजेंडे पर विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद नए एजेंडे पर चर्चा हुई। स्वच्छता अभियान सहित 15 एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कई पार्षदों ने स्वच्छता अभियान जैसी योजनाओं के तहत ग्रांट ना मिलने व समस्याओं के समाधान न होने की शिकायत की।
नहीं हुई सुनवाई
बैठक के बाद जिला पार्षद अंजू जागलान, मुशिया, नीलम देवी, मंजू देवी, कमलेश बलबेड़ा, रेनु बाला, सुरजीत पबनावा ने कहा कि मीटिंग में किसी भी समस्या पर कोई विचार विमर्श नहीं हुआ है। एजेंडे तक पर बोलने नहीं दिया गया। पार्षदों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सबको सामान ग्रांट देने के लिए कहा था, लेकिन ग्रांट में उनकी अनदेखी की गई है। केवल डेढ़-डेढ़ लाख रुपये उनको दिए हैं। जबकि उनके काम का जेई एस्टीमेट 15-15 लाख रुपये बनाकर ले जा रहा है। ऐसे में जिन लोगों ने उनको वोट देकर चुना है, उनको जवाब देना भी मुश्किल हो रहा है। लोग लगातार उनके पास समस्याएं लेकर आ रहे हैं।
नई परियोजना लागू करने के दे रहे हैं आदेश
पार्षदों ने बताया कि अधिकारी सरकार की परियोजनाओं को अधिक से अधिक लागू करने के लिए जोर दे रहे हैं। लेकिन लोगों की समस्या का हल नहीं निकल रहा है। लोग उनके पास परियोजनाएं पूछने नहीं आते हैं, वे समस्याएं लेकर आते हैं। काम न होने के कारण लोगों का रोष बढ़ता रहा है।
विकास के लिए नहीं हैं धनराशि
पार्षदों ने कहा कि बैठक में चेयरपर्सन के लिए लाखों रुपये की गाड़ी अलॉट हो रही हैं। वाइस चेयरमैन के लिए अलग से कमरा मिल रहा है। विकास के लिए पैसा नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में एससी समुदाय के विकास के लिए 25 प्रतिशत राशि जिला पार्षद को दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन उनके पास कोई पैसा नहीं आया है।
बैठक का यह था एंजेंडा
1. पिछली बैठक की कार्यवाह के अनुमोदन
2. जिला परिषद सदस्यों द्वारा अपने क्षेत्र के विकास कार्यों एंव समस्याओं पर विचार।
3. गांव कौल में स्थित जिला परिषद की जमीन की चार दीवारी निकलवाने।
4. जिला परिषद कार्यालय द्वारा विकास कार्यो के लिए वितरित कीग गई अनुदान राशि के उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधी।
5. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद को 20000 रुपये एवं लेखाधिकारी, जिला परिषद को 5000 रुपये कार्यालय व्यय हस्तकड़ रखने का अधिकार।
6. स्टेट फाइनेंस कमीशन के गलियों व नालियों के निर्माण जारी की गई राशि के कार्य पूर्ण होने के अतिरिक्त राशि सके विकास कार्य करवाने एवं न होने की स्थिति में कार्य बदलने।
7. गांव गुहणा में गोशाला निर्माण
8. स्वच्छता अभियान में जिला स्तर पर गठित कमेटी के कार्य।
9. जिला परिषद कार्यालय में लगवाए जाने वाले 5 किलोवाट के सौलर पावर प्लांट।
10. गांव पहाड़पुर में स्थित जिला परिषद जमीन से कब्जा हटवाने के लिए न्यायलय में केस दायर करना।
11. जिले में घट रहे पानी स्तर को देखते हुए पानी की बर्बादी को रोकने व गांव की स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक पार्षद द्वारा एक गांव का चुनाव।
12. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगे संचार टावर
13.जिले में जिला परिषद के जमीन
14. जिला परिषद भवन की रिपेयर व ब्लॉक कुर्सियां लगवाने।
15. उप प्रधान, जिला परिषद के जिलए कार्यालय उपलब्ध करवाने।
बैठक एजेंडे के अनुसार हुई है-जिला परिषद की चेयरमैन सुखविंद्र कौर व वाइस चेयरमैन मनीष कठवाड़ ने बताया कि बैठक में रखे गए एजेंडे को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। भेदभाव जैसी कोई बात नहीं है। नियमानुसार परिषद के माध्यम से काम करवाए जा रहे हैं। इस बैठक में ग्रांट बांटने का एजेंडा नहीं था। जो एजेंडा था, उस पर चर्चा करते हुए पारित कर दिया गया है।