संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एसपी उपासना ने चेतावनी दी है कि तकनीक के इस युग में साइबर अपराधी फ्रॉड के नये-नए तरीके अपना रहे हैं और फर्जी कस्टमर केयर बनाकर लोगों के रुपये हड़प रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी गूगल, फेसबुक, ट्विटर और गूगल मैप जैसी जगहों पर फेक कस्टमर केयर नंबर और नकली वेबसाइटें डाल देते हैं, जिससे सामान्य उपयोगकर्ता असल और फर्जी में अंतर नहीं कर पाते और धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।
एसपी उपासना ने बताया कि अपराधी कभी बैंक या कंपनी जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाते हैं, तो कभी सोशल साइट्स या मैप पर गलत नंबर डालकर लोगों को जाल में फंसाते हैं। उन्होंने नागरिकों से सावधान रहने और कुछ जरूरी पूर्व उपाय अपनाने का आग्रह किया। मुख्य सुझावों में उन्होंने कहा कि गूगल सर्च में ऊपर आने वाली वेबसाइट को स्वतः सही न मानें यदि रिजल्ट पर एड/स्पोंसर्ड दिखे तो उस लिंक पर सावधानी से क्लिक करें। एसपी उपासना ने कहा कि आमजन यदि इन सावधानियों का पालन करेंगे तो वे फर्जी कस्टमर केयर नंबरों और अन्य साइबर धोखाधड़ी से बच सकेंगे। उन्होंने कहा कि ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई।
साइबर क्राइम से कैसे बचें
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सरकारी वेबसाइटों के URLs में आमतौर पर gov.in या nic.in होगा — यह देखने के बाद ही भरोसा करें।
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किसी भी वेबसाइट को खोलने से पहले उसे सुरक्षित (HTTPS) है या नहीं जांचें।
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गूगल मैप के परिणामों पर अंधविश्वास न करें क्योंकि उसे कोई भी एडिट कर सकता है।
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ट्विटर और फेसबुक पर अकाउंट का verified बैज (ब्लू टिक) देखकर ही अधिकारिकता जाँचें।
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किसी भी कंपनी का प्रतिनिधि सीधे आपकी इनबॉक्स में नहीं आता ऐसे नंबरों और मैसेजों से दूरी बनाएं।
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लोभ न करें — सस्ते लोन या आकर्षक ऑफर अक्सर ठगी के जाल होते हैं।
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कभी भी कार्ड नंबर, CVV, PIN, नेट‑बैंकिंग पासवर्ड या OTP किसी से साझा न करें।
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बच्चों के मामले में सावधानी जरूरी ः बच्चों की सर्फिंग के लिए सेफ-सर्च मोड एवं पेरेंट्स लॉक जैसे फीचर का उपयोग करना लाभप्रद रहता है।
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अज्ञात लिंक पर क्लिक से बचें ः किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक से बचे, यह हानिकारक हो सकता है।