कैथल। हरियाणा सरकार के बजट में इस बार कैथल जिले की झोली खाली रह गई। नई सौगात नहीं मिलने से जहां जिलेवासियों को निराशा है, वहीं पिछले साल बजट में कैथल के लिए मेडिकल कॉलेज की घोषणा पर कार्य और चरचा न होने से लोग ठगा महसूस कर रहे हैं। जिले से सत्ता पक्ष के एक राज्यमंत्री, दो चेयरमैन और तीन विधायक हैं। इसके बावजूद बजट में जिले को अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी है। दूसरी ओर बजट में चरचा के बाद अब लंबित एलिवेटेड ट्रैक पर कार्य शुरू होने की आस जगी है, जिसे लेकर जनप्रतिनिधि लोगों को दिलासा दे रहे हैं।
कैथल जिले से राज्यमंत्री कमलेश ढांडा, विधायक लीला राम, विधायक रणधीर गोलन, विधायक ईश्वर सिंह, उनके पुत्र चेयरमैन रणधीर सिंह, हैफेड के जिले से चेयरमैन कैलाश भगत सत्तापक्ष से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद लीला राम की मांग पर एलिवेटेड रेलवे ट्रैक को छोड़कर जिले का पूरे बजट भाषण में कहीं भी जिक्र नहीं हुआ। इससे पहले रेलवे की ओर से इस पर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन बजट में इसका प्रावधान होने से अब इसके निर्माण की आस जगी है।
इसके अलावा बजट में कोई बड़ा प्रोजेक्ट जिले के हिस्से नहीं आया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पूरे भाषण में कैथल का केवल एक जगह एलिवेटेड ट्रैक को लेकर जिक्र सुनाई दिया। ऐसे में न सिर्फ आमजन में निराशा है बल्कि लोग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि या तो स्थानीय प्रतिनिधियों ने किसी बड़े प्रोजेक्ट की मांग ही नहीं की या फिर सरकार ने उनकी मांग पर तवज्जो नहीं दी। विदित हो कि पिछले बजट में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। इस प्रोजेक्ट के लिए एक हजार करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई, लेकिन एक साल बाद भी यह फाइलों में ही कैद है। नए बजट में भी इस पर कोई चरचा न होने से लोगों में रोष है।
इस बार के बजट में सबसे ज्यादा उम्मीद राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के कलायत हलका को थी, लेकिन क्षेत्रवासियों को निराशा ही हाथ लगी। इसी प्रकार से पूंडरी हो या गुहला-चीका, यहां के लिए भी कोई बड़ी विकास परियोजना की घोषणा सामने नहीं आई।
लीलाराम बोले-
विधायक लीला राम ने कहा कि वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आभारी हैं, जिन्होंने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक को मंजूर किया है। उम्मीद है कि बजट पर चरचा के दौरान अन्य मांगें भी सामने आएंगी। सरकार ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण, शहरी, किसान, युवा, महिला, कर्मचारी, व्यापारी व अन्य वर्गों के लिए यह बजट पेश किया है।
ईश्वर सिंह बोले-
गुहला-चीका के विधायक ईश्वर सिंह ने कहा कि आज तो बजट पेश हुआ है, जिसे पढ़कर सुना दिया गया है। अब इस पर 17 तारीख से बहस होगी। फिर हम अपनी मांग रखेंगे। 17 से 22 तारीख तक पांच दिन बहस चलेगी। उसमें क्षेत्र से संबंधित विकास कार्यों का जिक्र किया जाएगा।