कैथल। कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल किया है। इससे मधुमक्खी पालक किसानों और उद्यमियों को प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य कारणों से होने वाले नुकसान की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और मधुमक्खी पालन के व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने मधुमक्खी पालकों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। राणा बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित नहीं होने के कारण कई बार नुकसान उठाना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं और सरकार का प्रयास है कि किसानों को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे व्यवसाय भी अपनाते हैं। मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और पालकों को आर्थिक नुकसान से राहत देने के लिए सरकार ने इस क्षेत्र को योजना के दायरे में शामिल करने के साथ भावांतर भरपाई योजना के माध्यम से नुकसान की भरपाई का प्रावधान किया है। इससे मधुमक्खी पालकों को आर्थिक मदद मिलेगी और वे इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। धान खरीद को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उत्पादन अधिक होने के कारण किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इस समस्या के समाधान के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है और जल्द ही किसानों को राहत मिलेगी।