संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला के टटियाना सहित संगतपुरा बॉर्डर पर बैरिकेड्स न हटाने से राहगीरों सहित अन्य लोग काफी परेशानियां झेल रहे हैं। यदि यहां पर बैरिकेड्स हटाए जाएं तो लोगों को राहत मिलेगी।
पिछले तीन हफ्तों से दोनों ही बॉर्डरों पर अवरोधक लगाए गए हैं। कैथल पटियाला स्टेट हाईवे बंद होने से काफी परेशाना का सामना राहगीरों व अन्य यात्रियों को करना पड़ रहा है। अंबाला में चंडीगढ़ के रास्ते पर बैरिकेड्स हटाने के बाद यहां भी उम्मीद थी लेकिन ऐसा न हुआ।
गौरतलब है कि सिर्फ हरियाणा के लोगों को ही नहीं बल्कि पंजाब की तरफ से हरियाणा में आने जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतें हो रही है। किसानों की ओर से 13 फरवरी को दिल्ली के लिए कूच करने के ऐलान के बाद प्रशासन ने टटियाना बार्डर पर स्थित घग्गर नदी के पुल पर कंटेनर, पत्थर के बैरिकेड्स व अन्य अवरोधक लगाकर उसे पूरी तरह से बंद कर दिया था और वहां पर आईटीबीपी के जवान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। इस पुल से केवल पैदल ही एक दूसरी तरफ आया जाया जा सकता है।
आज तक इस मार्ग का एक बार भी किसानों ने रुख नहीं किया, इसके बावजूद प्रशासन ने मार्ग को पूरी तरह से बंद किया है। गुहला-चीका के एक दर्जन से अधिक गांव घग्गर नदी के दूसरी तरफ पड़ते है। पुल बंद किए जाने से बार्डर के आसपास के ग्रामीणों को पशुओं का चारा भी सिर पर उठाकर लाना पड़ रहा है।
इसके साथ ही सैकड़ों लोग इलाज व दूसरे कामों के संबंध में चंडीगढ़ व पटियाला जाते हैं। नगर निवासी बलजीत सिंह, नरेश कुमार, संजीव कुमार, राजीव कुमार, मनोज ने प्रशासन से मांग की है कि घग्गर नदी के पुल को वाहनों के लिए खोला जाए ताकि लोगों को आने जाने में दिक्कत ना आए।