फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: खेत जाने के लिए पार करने पड़ रहे अवरोधक

Tue, 05 Mar 2024 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

गुहला-चीका। करीब तीन हफ्ते से टटियाना बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस व आईटीबीपी के जवान पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी पर तैनात हैं। अवरोधक लगे हैं। खेत जाने के लिए क्षेत्रीय किसानों को अवरोधक पार कर जाना बड़ा मुश्किल भरा लग रहा है। इससे नाराज होकर रोष जताना शुरू कर दिया है। दरअसल, बैरिकेड्स के उस पार इनके खेत हैं।

किसान नेता बलकार उर्फ बल्लू, जस्सा पुनिया, तेजेंद्र पुनिया, बलकार गगड़पुर और जगदेव बदसुई ने कहा कि सरकार जल्द ही रास्ता खोले, ताकि किसानों सहित आमजन की परेशानियां दूर हो सके। नाराज किसानों का कहना है कि जल्द रास्ता ना खोला तो वे चुनावों में भी विरोध करेंगे। इसको लेकर बता दें कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने, कर्ज माफी सहित अन्य मांगों को लेकर अंबाला के शंभू व जींद में खनौरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच किसानों ने रविवार को युवा किसान शुभकरण की अंतिम अरदास के बाद किसानों की ओर से दिल्ली कूच को लेकर एलान किया है।
विज्ञापन


किसान नेताओं ने फैसला लिया है कि हरियाणा-पंजाब को छोड़कर दूसरे राज्यों के किसान छह मार्च को बिना ट्रैक्टर ट्राली के दिल्ली कूच करेंगे। साथ ही 10 मार्च को पूरे देश में रेल रोको आंदोलन भी किया जाएगा। किसान नेताओं ने बताया कि रेल रोको आंदोलन 12 बजे से लेकर चार बजे तक चलेगा। 13 फरवरी से दिल्ली आंदोलन 2.0 के चलते किसान टटियाना बॉर्डर को घग्गर नदी का पुल पूरी तरह से सील है।

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से राकेश टिकैत द्वारा 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत बुलाई है। वहीं दूसरी और हरियाणा के सबसे बड़ा किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) गुरनाम सिंह चढूनी ने पांच मार्च को कुरुक्षेत्र में आगामी रणनीति के लिए बैठक बुलाई है।

किसान आंदोलन 2.0 से यात्रीगण परेशान ः टटियाना बॉर्डर पर घग्गर नदी का पुल सील करने से दोनों राज्यों से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। पंजाब व हरियाणा से आने वाली बसें बॉर्डर तक ही आवागमन कर रही है। जिन किसानों की कृषि भूमि बॉर्डर सील करने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स के उस पार है, उन्हें अपने खेत तक जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पंजाब सीमा से सटे गांवों से चीका शहर में दिहाड़ी-मजदूरी के लिए आने वाले लोग भी बॉर्डर सील होने से परेशान हैं। उन्हें चीका आने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।

कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे बंद ः दो प्रदेशों को जोड़ने वाले इस स्टेट हाईवे के बंद रहने से सिर्फ हरियाणा के लोगों को ही नहीं बल्कि पंजाब की तरफ से हरियाणा में आने जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतें हो रही है। किसानों द्वारा 13 फरवरी को दिल्ली के लिए कूच करने के एलान के बाद प्रशासन ने टटियाणा बार्डर पर स्थित घग्गर नदी के पुल पर कंटेनर, पत्थर के बैरिकेड्स लगाकर उसे पूरी तरह से बंद कर दिया था और वहां पर आईटीबीपी के जवान व भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। इस पुल से केवल पैदल ही एक दूसरी तरफ आया जाया जा सकता है।
विज्ञापन


गत 13 फरवरी से लेकर आज तक इस मार्ग का एक बार भी किसानों ने रुख नहीं किया इसके बावजूद प्रशासन ने मार्ग को पूरी तरह से बंद किया हुआ है। चीका वासी बलजीत सिंह, नरेश कुमार, संजीव कुमार, राजीव कुमार, मनोज ने प्रशासन से मांग की है कि घग्गर नदी के पुल को वाहनों के लिए खोला जाए ताकि लोगों को आने जाने में दिक्कत ना आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें