कैथल। डीसी प्रशांत पंवार ने प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए जिला में पटाखों के भंडारण, बिक्री व इस्तेमाल पर धारा 144 के तहत रोक लगाने के आदेश जारी किए है। उन्हाेंने ये आदेश सीआरपीसी की धारा 144 के आधार पर प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पटाखों के उत्पादन, भंडारण व बिक्री सहित इस्तेमाल को लेकर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884 और विस्फोटक पदार्थ नियम 2008 के तहत जारी किए हैं। नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी पुलिस सहित नगर परिषद को भी दी गई है। जारी आदेशों में फ्लिपकार्ट, अमेजन आदि ई- कॉमर्स कम्पनियां पटाखों के किसी भी ऑनलाइन ऑर्डर को स्वीकार नहीं करने के भी निर्देश हैं।
उन्होंने कहा कि उपमंडल अधिकारी नागरिक, थाना प्रभारी, नगर परिषद के अधिकारीगण, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी और तहसीलदार अपने कार्यक्षेत्र में एक-दूसरे से तालमेल करके इन आदेशों को सख्ती से लागू करवाएंगे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेशों के पालन की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को नियमित रूप से भेजेंगे। आदेशों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को भी हिदायत दी गई है कि वे नियमित रूप से वायु की गुणवत्ता पर निगरानी रखेंगे। आदेशों में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार जिला में कम प्रदूषण फैलाने वाले ग्रीन पटाखें ही लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से बेचे जा सकेंगे। अन्य पटाखों व लडि़यों के उत्पादन, बिक्री तथा प्रयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि इनसे बहुत ज्यादा वायु तथा ध्वनि प्रदूषण होता है और ठोस कचरा संबंधी समस्याएं भी होती हैं। ये पटाखे भी केवल दीपावली पर्व के दिन शाम आठ बजे से रात्रि 10 बजे तक व क्रिसमस व नववर्ष के अवसर पर रात्रि 11 बजकर 55 मिनट से लेकर रात्रि 12 बजकर 30 मिनट तक चलाने की अनुमति होगी।