संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/राजौंद। रंगबिरंगी पोशाकों में सजे शिव भक्त कांवड़ियों के मुख से बम-बम भोले, हर हर महादेव के जयकारे लग रहे हैं। बड़ी संख्या में शिवभक्त गंगा जल लेने हरिद्वार जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर कई संस्थाएं कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाकर उन्हें कई सुविधाएं उपलब्ध करा रह हैं।
सावन के महीने में शिवालयों में भक्त उमड़ रहे हैं। बाबा का शृंगार किया जा रहा है। बुधवार शाम को प्राचीन श्री ग्यारह रूद्री शिव मंदिर में श्री ग्यारह रूद्र महादेव सेवादल ने बर्फ से शिवलिंग का शृंगार किया गया।
उधर, हरिद्वार व गोमुख से गंगाजल लेने के लिए भारी संख्या में शिव भक्त जा रहे हैं। जो कि शिवरात्रि के दिन मंदिर में जला अभिषेक करके अपनी कांवड़ यात्रा संपन्न करेंगे। इस पावन पर्व को देखते हुए शिव भक्तों की आस्था व श्रद्धा ओर भी अटूट हो जाती है, जब अपने आराध्य देव भगवान शिव शंकर को अर्पित करने के लिए सैंकड़ों मिल पैदल चलकर अपने कांवड़ में पावन गंगाजल भरकर समूहों में चलते हुए शिव भक्तों को देखकर हर कोई श्रद्धा व भक्ति के आगे नतमस्तक हो जाता है।
भगवा पोशाकों में सजे शिव भक्तों की सेवा भाव में लगे शिविरों में भी श्रद्धालुओं द्वारा इन शिव भक्तों की सेवा की जाती है ताकि इस जगत के आधार रूपी देवाधिदेव महादेव शिव शंकर इन शिव भक्तों की तपस्या व शिविर में सेवा करने वाले श्रद्धालुओं की श्रद्धा से प्रसन्न होकर पूरे जगत का कल्याण करें।
जींद मोड़ पर कांवड़ियों के लिए लगाए शिविर
राजौंद। शिवरात्रि पर्व के लिए नगर के असंध रोड, कैथल रोड व जींद मोड़ पर कांवड़ियों के लिए शिविर लगाए गए है। रंग बिरंगी पोशाकों से गुजर रहे कांवड़ियों से पूरा नगर शिवमय में तब्दील होता दिख रहा है। असंध रोड पर लगने वाले शिविर के आयोजक अजीत कुमार शर्मा ने बताया कि वह पिछले 27 वर्षों से लगातार सावन माह में आने वाली शिवरात्रि से पूर्व ही शिविर का आयोजन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के रहने ठहरने व नहाने धोने के साथ साथ प्राथमिक उपचार के लिए पूरी व्यवस्था की हुई है। कांवड़ियों की श्रद्धा की लगे ईश्वर में सभी अपनी श्रद्धा से सेवा करने वाले सेवादार लगन से कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा जींद मोड़ पर शिविर के आयोजक सुखदेव शर्मा ने बताया कि शिविर में कांवड़ियों के लिए रहने व ठहराने की व्यवस्था की गई है। यहां से गुजरने वाले प्रत्येक कांवड़िये को रोककर पूरी श्रद्धा भावना से जलपान करवाया जाता है। वैसे तो शिव भक्तों की सेवा में लगने वाले शिविर व भंडारों की इन दिनों कोई कमी नही होती। उन्होंने बताया कि हर वर्ष कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगा रहे हैं। संवाद