संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सर्वजातीय बालू खाप ने अब अपने सामाजिक दायरे का विस्तार करने की कवायद शुरू कर दी है। खाप के साथ आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों को जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए खाप के प्रतिनिधियों ने आसपास के गांवों के गणमान्य लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
वर्तमान में 11 ग्राम पंचायतें बालू खाप का हिस्सा हैं। खाप का उद्देश्य अधिक से अधिक गांवों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। बीती 15 अगस्त को 81 लाख रुपये की लागत से तैयार सर्वजातीय बालू खाप के चबूतरे का उद्घाटन किया गया था। भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से सटे 11 ग्राम पंचायतों को मिलाकर बनी इस खाप की क्षेत्र में अलग पहचान और रसूख है। खाप लंबे समय से पारिवारिक, सामाजिक और सामूहिक मामलों में आपसी सहमति से फैसले लेने के लिए जानी जाती है। खाप की ओर से समय-समय पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते रहे हैं।
इन 11 ग्राम पंचायतों का हिस्सा है बालू खाप
वर्तमान में बालू खाप के अंतर्गत गुलियाना, तारागढ़, सारण, किच्छाना, बालू बिढान पट्टी, बालू गादड़ा पट्टी, बालू रापड़िया पट्टी, वजीरनगर, जुलानी खेड़ा, चौशाला और निमवाला ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन गांवों के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग खाप से जुड़े सामाजिक मामलों में अपनी भूमिका निभाते हैं। बालू खाप के प्रवक्ता प्रवीण किच्छाना ने बताया कि खाप के विस्तार को लेकर आसपास के गांवों के गणमान्य लोगों से लगातार बातचीत की जा रही है। अन्य ग्राम पंचायतों को भी खाप के साथ जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।