संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की बलराज नगर कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर कॉलोनीवासियों में भारी रोष व्याप्त है। कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है, जिसके चलते गंदा पानी गलियों में बह रहा है। बदबू के कारण लोगों का घरों में रहना दूभर है और बीमारियों के फैलने की आशंका है।
वर्ष 1985 से बसी कॉलोनी अधिकृत नहीं हो सकी है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्हें स्वच्छ पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में लोगों को दूर-दराज़ क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। इसके साथ ही कॉलोनी की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। अंधेरे के कारण महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और महिलाएं रात में गलियों में निकलने से कतराने लगी हैं।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि वे वर्षों से संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विधायकों, मंत्रियों और नगर परिषद चेयरपर्सन से समस्याओं के समाधान की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी से उनकी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे शहर में प्रदर्शन कर लघु सचिवालय पर धरना देने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बलराज नगर कॉलोनी को नगर परिषद के अधीन लेकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि लोग सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन यापन कर सकें। कॉलोनी निवासी मंजीत ने बताया कि कॉलोनी के अन-अधिसूचित होने के कारण यहां के नागरिक प्रधानमंत्री आवास योजना, मकान निर्माण के लिए सरकारी ऋण आदि लाभ से वंचित हैं।
सैकड़ों परिवार रहते हैं कॉलोनी में
कॉलोनीवासी संदीप और राजेश ने बताया कि बलराज नगर कॉलोनी वार्ड नंबर 17 के अंतर्गत आती है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्ष 1985 से बसी यह कॉलोनी आज तक अधिकृत नहीं हो पाई है, जबकि यहां सैकड़ों परिवार पिछले कई दशकों से निवास कर रहे हैं और प्रशासन के पास सभी आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। बलराज नगर में हजारों की आबादी रहती है।
यदि प्रशासन ने शीघ्र ही बलराज नगर कॉलोनी को अधिकृत करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो वार्डवासियों के सहयोग से बड़ा और निर्णायक जन आंदोलन किया जाएगा। अधिकारों के लिए संघर्ष हम करेंगे। -प्रवेश शर्मा, पार्षद- वार्ड-17