संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। आदर्श गांव बालू से बढ़सीकरी तक करीब 16 किलोमीटर लंबा मार्ग बेहद बदहाल स्थिति में है। हालात इस कदर खराब हैं कि सडक़ की बजाय गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। इन हालातों में सड़क सुरक्षा के दावे दम तोड़ रहे हैं।
रिटायर्ड फौजी रामेश्वर सिंह, राजबीर ढुल, सुनील कुमार औैर गुरदेव ने बताया कि सडक़ों को ग्रामीण विकास का आधार माना जाता है। ऊबड़-खाबड़ राहों पर चलना मुश्किल हो चला है। ऐसे मेंं सडक़ों पर चलना हादसे को न्यौता देने वाली बात बनी है। न केवल दिन के समय बल्कि रात्रि को हादसोंं का भय बना रहता है। इन परिस्थितियों में कई बार बड़े हादसे भी घटित हुए हैं। करीब 10 वर्ष पहले मरम्मत का कार्य हुआ था। वर्तमान में सडक़ की परतेंं रेत की तरह बिखरी हैं।
उधर, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि बालू से बढ़सीकरी गांव के बीच सडक़ की स्थिति को लेकर विभाग गंभीर है। इसका नाबार्ड योजना के तहत नवीनीकरण करने का प्रारूप तैयार किया गया है। इस 16 किलोमीटर मार्ग पर अनुमानित साढ़े आठ करोड़ रुपये व्यय होंगे।