कैथल। इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा जुलाई माह अब तक 30 एमएम से अधिक बदरा बरसे हैं। यह बारिश धान की रोपाई के लिए किसानों के एक वरदान साबित होगी। पिछले साल जून महीने से आठ जुलाई तक महज 25 एमएम ही बारिश हुई थी। जो इस बार 52 एमएम औसतन बारिश रही है। यह बारिश पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार 30 एमएम अधिक रही है।
इस बार अच्छी बरसात होने पर किसानों का कहना है कि धान की फसल के यह बारिश काफी लाभदायक सिद्ध होगी। जिले में मानसून की शुरूआत में बारिश न होने के कारण किसानों के चेहरों पर मायूसी थी। अब जैसे ही सावन माह शुरू हुआ तो सावन में मानसून की बारिश की एक झड़ी सी लगी है।
शनिवार को जिले में झमाझम हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। खेत लबालब पानी से भर गए हैं। अब किसानों को खेतों में पांच दिन तक पानी देने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ साथ बिजली खर्च बचेगा और जल संरक्षण भी होगा।
विदित रहे कि बीते वर्ष जुलाई के प्रथम सप्ताह में 25 एमएम बारिश हुई थीं, वहीं इस बार दो दिन में लगभग 42 एमएम बारिश हुई है। जो पिछले वर्ष से 17 एमएम अधिक है।
इस समय खेतों में धान रोपाई का कार्य चल रहा है। बारिश और होगी तो धान रोपाई के कार्य में तेजी आएगी
धान के लिए लाभदायक
किसान बसाऊ राम ने कहा कि बारिश धान की फसलों के लिए लाभकारी है। धान में दो कट्टे खाद डालने जितना फायदा मिला है। रोपाई हो चुकी धान में अच्छा फुटाव होगा। बारिश से ट्यूबवेल न चलाने से बिजली का खर्च बचेगा।
बारिश से मिलेगा फायदा
किसान साहिल ने कहा कि धान में पानी नहीं सूखना चाहिए। हर रोज ट्यूबवेल चलते हैं, ताकि धान का पानी न सूखे। बारिश के बाद थोड़ा फर्क पड़ेगा। अब एक दो दिन तक काम चल सकता है। साफ है कि बारिश से फायदा मिलेगा।
2022 जुलाई
एमएम
2023 जुलाई
एमएम
1 जुलाई
09
6 जुलाई
32
2 जुलाई
16
8 जुलाई
10
कुल
25
कुल
42