संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। हलका गुहला के लोग वर्षों से जर्जर सड़कें और खराब ट्रैफिक सुविधाओं से परेशान हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो सरकार इस ओर ध्यान देती है और न ही अधिकारी जनता की आवाज़ सुनते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की हालत ऐसी है कि राहगीरों का जीवन कई बार संकट में पड़ जाता है।
सड़कों में बने बड़े-बड़े गड्ढे वाहन टकराने और दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। पिछले कई वर्षों में दर्जनों लोग इन गड्ढों में फंसकर अपनी जान गंवा चुके हैं। जनता के रोष को देखते हुए सरकार ने चीका-केथल और अन्य कुछ सड़कों की आंशिक मरम्मत कर दी थी, लेकिन यह भी ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई।
कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे, जो गुहला चीका को जिला मुख्यालय से जोड़ता है, एक बार फिर जर्जर हालत में है। खराब सड़क की वजह से 28 किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे लग रहे हैं। समय और पैसों की हानि के साथ-साथ वाहन भी खराब हो रहे हैं।
पेचवर्क के नाम पर लीपापोती ः पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कभी-कभार गड्ढे भरने का काम किया जाता है, लेकिन यह केवल आंशिक सुधार है। मजदूर गड्ढों की सफाई नहीं करते और रोड़े व बजरी का मिश्रण भी कुछ ही घंटों में उखड़ जाता है। बजरी सड़क पर बिखरने से वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ जाती है।
इसी प्रकार नगरपालिका क्षेत्र की सड़कें भी गड्ढों से भरी हुई हैं। मुख्य चौक को छोटा करने का काम छह महीने पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ। बिखरी बजरी से रोजाना बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं।
सड़क किनारे उगी झाड़ियां और लटकी टहनियां खतरनाक
गुहला क्षेत्र की मुख्य सड़कें और लिंक रोड दोनों तरफ झाड़ियों का जंगल उग आया है। पैदल, साइकिल या बाइक से चलने वालों को मजबूरन सड़क के बीच में चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का डर बना रहता है। कई बार टहनियां टूट कर सड़क पर लटक जाती हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी इसे हटाने की जहमत नहीं उठाते।
गुहला चीका की 65 सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर खोल दिए गए हैं। दीपावली के बाद इन सड़कों पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मुख्य चौक को छोटा करने का काम नगरपालिका द्वारा किया जा रहा है। जैसे ही काम पूरा होता है, सड़क निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। -राममेहर सिंह, एसडीओ पीडब्ल्यूडी, चीका