प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत चुनाव के लिए जोड़ी गई शिक्षा की शर्त ने बीए द्वितीय वर्ष के एक छात्र को गांव का सरपंच बनवा दिया है। गांव लंडाहेड़ी में चुने गए सरपंच परगट सिह की उम्र अभी सिर्फ 21 साल 2 महीने ही है तथा वह डीएवी कालेज चीका में आर्ट संकाय का विद्यार्थी है।
परगट सिंह के परदादा साधू सिंह लगातार 15 सालों तक गांव के सरपंच रहे। उनके बाद पिछली पंचायत में उनके पोते और परगट सिंह के चाचा सुखविंद्र सिंह लंडाहेड़ा में सरपंच का पद जीतने में कामयाब रहे। इस बार भी सुखविंद्र सिंह ही सरपंच पद के दावेदार थे, मगर पढ़ाई की शर्त ने उनका रास्ता रोक लिया। परिवार में एकमात्र पढ़ा लिखा सदस्य होने के कारण आखिर परगट सिंह का नामांकन दाखिल करवाने का फैसला लिया गया।
अगर प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार सितंबर 2015 में ही पंचायत चुनाव हो जाते तो फिर शायद परगट सिंह का नंबर नहीं पड़ना था। उस समय परगट सिंह की उम्र 21 साल से कम थी और पंचायत चुनाव के लिए न्यूनतम आयु 21 साल की होनी जरूरी है। नवनिर्वाचित सरपंच परगट सिंह ने बताया कि दसवीं के सर्टिफिकेट में उसकी जन्म तिथि 14 नवंबर 1994 है तथा वह पिछली 14 नवंबर को 21 साल पूरे करके सरपंच पद के फार्म भरने के योग्य हुआ था।