हरियाणा वक्फ बोर्ड के निर्णय को लेकर वक्फ बोर्ड की जमीन पर काबिज लोगों की महापंचायत हुई। पंचायत में हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा नए सिरे से डीसी रेट पर नीलामी करने को लेकर विरोध प्रकट कर तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। वक्फ बोर्ड की जमीन पर काबिज मा. कुलदीप बिढैण, संजू धीमान, चिरंजी लाल, रमेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, सुभाष शर्मा, सुरेश, बलकार लोगों का कहना था कि कलायत में वक्फ बोर्ड की जमीन पर सैकड़ों गरीब लोगों का बसेरा है।
इस जमीन पर बीपीएल, बेसहारा, विधवा व अनुसूचित जाति के लोगों के रहने के अलावा सार्वजनिक स्थल भी बने हुए जैं। उनका कहना था कि वक्फ बोर्ड द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कुछ समय से किराया लेना बंद कर रखा है, जबकि उक्त वर्ग हमेशा से पूर्व निर्धारित किराया भरने को तैयार रहा है। हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा हाल ही में लिए गए फैसले के तहत संबंधित संपदा को नए सिरे से नीलाम कर इन भूखंडों की कीमत डीसी रेट पर तय कर व्यवसायिक व आवासीय इकाइयों का अलग-अलग किराया देने का निर्देश पारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि उनके पास इतने पैसे होते तो रहने के लिए अलग से जमीन खरीद सकते थे। प्रदेश सरकार द्वारा जिस प्रकार से नगर पालिका संपदा के किराएदारों को मालिकाना हक देने का वंचित वर्ग को तोहफा दिया गया है। इसी तर्ज पर उन्हें भी हरियाणा वक्फ बोर्ड से मालिकाना हक दिलाते हुए स्थायी छत मुहैया करवाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि वक्फ बोर्ड द्वारा अपने कानून को अमलीजामा पहनाया गया तो यह वर्ग सड़क पर आ जाएगा। तहसीलदार चंद्रमोहन बिश्नोई ने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर काबिज लोगों द्वारा दिया गया मांग पत्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा।