आयुष्मान योजना में अंगूठे का मिलान ना होने व वेबसाइट की धीमी गति मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। कई मरीजों के अंगूठे मैच नहीं करते। जिस कारण उनका इलाज नहीं हो पा रहा है। वहीं वेबसाइट की धीमी गति से मरीजों को दाखिल करने व छुट्टी करने में भी परेशानी आ रही है। इसके अलावा अधिकतर पैकेज सरकारी अस्पताल के लिए रिजर्व हैं। जहां डॉक्टरों की कमी से पहले ही मरीजों की कतारें लंबी लगी हुई हैं। लोग इलाज के लिए भटक रहे हैं।
अमर उजाला द्वारा शनिवार को योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राउंड रिपोर्ट की गई तो कई बातें सामने आईं। जिनका समाधान हो जाए तो लोगों के लिए यह योजना ओर अधिक कारगर साबित हो सकती है। सब से पहले शाह अस्पताल में पड़ताल की गई। जहां एक मरीज मिला। जिसका इलाज निशुल्क हुआ।
25 हजार रुपये वाला ऑपरेशन हुआ निशुल्क : यहां अवतार सिंह ककराला अनायत ने कहा कि उसका आयुष्मान योजना के तहत यहां पत्थरी का ऑपरेशन हुआ। जिस पर उसका कोई खर्च नहीं आया। वह मंगलवार को यहां दाखिल हुआ था। शनिवार को ऑपरेशन के बाद छुट्टी भी मिल गई है।
अस्पताल के डायरेक्टर डा. महेंद्र सिंह शाह ने कहा कि यह योजना ऑपरेशन वाले मरीजों के लिए लाभदायक है। लोगों के पास लाखों व हजारों रुपये नहीं होते। ऐसे में वे इस दायरे में आने वाले ऑपरेशन करवा सकते हैं।
कार्डों में नाम ठीक ना होने से परेशानी : अवतार सिंह ने कहा कि कार्डों में नाम ठीक ना होने से परेशानी है। उसकी पत्नी का नाम पूर्ण कौर की बजाए संपूर्ण कौर लिखा गया है। जिस कारण उसका कार्ड नहीं बन पा रहा है।
साइट न चलने से छुट्टी के लिए करना पड़ा इंतजार : जयपुर अस्पताल में आशा रानी का दूरबीन से आयुष्मान योजना के तहत इलाज किया गया था। उसकी छुट्टी होनी थी। लेकिन सुबह से आयुष्मान योजना की साइट के ना चलने के कारण वह छुट्टी के लिए इंतजार करती रही। योजना की साइट शुक्रवार को भी बंद थी। वहीं कुछ मरीजों ने बताया कि यहां अंगूठा मैच न होने के कारण भी काफी दिक्कत आती है। कई बार तो जिला अस्पताल के चक्कर लगाए जाने के बावजूद भी अंगूठा मैच नहीं होता। जिस कारण मरीज परेशान होते हैं। यहां मरीजों के खूब ऑपरेशन हो रहे हैं। अस्पताल में दाखिल मरीज आशा रानी, बीरो देवी, भूना ने कहा कि उनके ऑपरेशन हुए हैं। उनसे कोई पैसा नहीं लिया गया।
अंगूठे मैच नहीं हो रहे, मरीज की हालत गंभीर : सिग्रस अस्पताल में फेफड़ों में तकलीफ पर दाखिल गांव रोहेडिय़ां निवासी जोगिंद्रो देवी का अंगूठा मैच नहीं हो रहे। जबकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसके परिजनों के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वे सिग्रस अस्पताल का महंगा इलाज उठा सकें। बार-बार प्रयास के बावजूद उसका अंगूठा मैच नहीं हुआ। जिस कारण परिजन चिंतित थे और बार-बार आयुष्मान योजना के लाभ के लिए अस्पताल प्रशासन से गुहार लगा रहे थे।
अस्पताल में मैनेजर सुरेश कालड़ा का कहना है कि कई तरह के ऑपरेशन भी केवल सरकारी अस्पताल के लिए रिजर्व हैं। जिस कारण उनका प्राइवेट अस्पतालों में इलाज नहीं हो पा रहा। पिछले सप्ताह पंचकुला से टीम आई थी। उम्मीद है कि 31 अक्तूबर से ओर अधिक पैकेज प्राइवेट अस्पतालों को दिए जाएंगे। इसके बाद ओर ज्यादा लोगों को योजना का लाभ मिल सकेगा। योजना की जानकारी देने के लिए अस्पताल की ओर से रविवार सुबह प्रभात फेरी भी निकाली जाएगी।
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डा. संदीप जैन ने कहा कि जब कार्ड बनता है तो उसे उसी समय आधार कार्ड से लिंक करना होता है। एक सुविधा यह होती थी कि जिसका आधार कार्ड से लिंक नहीं है तो उसका इलाज हो जाता है। लेकिन अब जिसके आधार से आयुष्मान योजना के कार्ड लिंक नहीं है। उनका इलाज नहीं होगा। साथ ही आधार कार्ड से अंगूठा यदि मैच नहीं हो रहा। यह समस्या आधार कार्ड को लेकर है। आयुष्मान योजना को लेकर नहीं।