फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: साइबर अपराध से बचाएगी जागरूकता

Thu, 03 Apr 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

गुहला-चीका/कैथल। राहगीरी कार्यक्रम के तहत साइबर थाना पुलिस टीम ने बुधवार को राजकीय बहुतकनीकी संस्थान चीका में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता का महत्व बताया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी पीएसआई शुभ्रांशु की टीम ने जरूरी सावधानियों पर चर्चा की।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान पुलिस टीम ने बताया कि आधुनिकता के युग में आज हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो गया है। आम नागरिकों को लाभ हुआ है पर अपराधी किस्म के लोग इसमें सेंध लगाकर साइबर क्राइम कर रोज नित नए तरीके अपनाकर फ्रॉड कर लोगों को ठग रहे हैं। इसे रोकने के लिए सभी को साझे प्रयास करने होंगे।
विज्ञापन


उन्होंने सभी से अपील की कि वे किसी भी प्रकार से प्राप्त हुए लिंक को ना खोले और किसी भी फोन कॉल, संदेश, ईमेल इत्यादि पर दिए गए प्रलोभन या विश्वास में आकर अपनी कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ सांझा ना करे। ऑनलाइन खरीदारी करते समय विशेष तौर पर सावधानी बरते व सतर्क रहकर एडवांस पे ना करें।

उन्होंने कहा कि आपकी सहायता करने के लिए आपको यदि कोई बैंक, बिजली निगम, टेलीफोन एक्सचेंज, आयकर या किसी भी विभाग का कर्मचारी बताकर आपसे कोई जानकारी मांगता है तो आप उसे कोई भी जानकारी ना दें उन्होंने बताया कि साइबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है।

फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साइबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों के पास किसी एप्लीकेशन के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। वह उनसे दोस्ती करके धीरे-धीरे उनके बारे में समस्त जानकारियां जुटा लेते हैं। उसके बाद शातिर उनको ठगी का शिकार बनाने से नहीं चुकते।
विज्ञापन


इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से साझा करने से बचें। लापरवाही के कारण कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करके शिकायत दर्ज करवाएं।
वाट्सएप और फेसबुक पर रखे ध्यान

n
किसी अज्ञात शख्स की फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें।

n
किसी की फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर फेसबुक प्रोफाइल गंभीरता से चेक करें।

n
किसी अनजान नंबर से मैसेज आने पर उत्तर देने पहले उसकी जांच कर लें।

n फेक प्रोफाइल में कम पोस्ट होते हैं। उनकी फ्रेंड लिस्ट भी छोटी होती है।

n
कोई जानने वाला है तो उसे निजी तौर पर बताकर ही रिक्वेस्ट स्वीकार करें।

n
किसी नंबर को ब्लॉक करना चाहते हैं, तो चैट खोलें और ब्लॉक कर दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें