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Kaithal News: सीवन में निकाली जागरूकता रैली

Sat, 21 Sep 2024 06:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सीवन/राजौंद। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत सीवन नगर में किसान प्रशिक्षण शिविर व जागरूकता रैली का आयोजन किया। इसमें किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए सलाह दी गई। उधर, राजौंद के भी कई गांवों में शिविर लगाकार किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए कहा गया।

सीवन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कैथल की टीम में एटीएम अनूप, कृषि पर्यवेक्षक विरेंद्र, नवीन कौशिक ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान की कटाई उपरांत धान के फसल के अवशेषों में बिल्कुल भी आग न लगाएं और पराली का प्रबंधन करके विभाग से 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाए।
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उपमंडल कृषि अधिकारी कैथल डाॅ. सतीश कुमार नारा ने किसानों को बताया कि धान की फसल के अवशेषों को जलाने से कई नुकसान होते हैं। इससे कार्बन डाई-ऑक्साइड, मीथेन और अन्य हानिकारक गैसें निकलती हैं, जो वायु गुणवत्ता को खराब करती हैं। धुएं से सांस संबंधी बीमारियां, अस्थमा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं।

उन्होंने बताया कि अवशेषों के जलने से मिट्टी के पोषक तत्व, जैसे नाइट्रोजन और कार्बन, नष्ट हो जाते हैं। ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है। इसके कारण से छोटे जीव-जंतु और सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। खेतों के आसपास के क्षेत्र में अनियंत्रित आग फैलने का जोखिम होता है।

उन्होंने समझाया कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की नमी भी कम होती है, जिससे जल संरक्षण में बाधा आती है। इस अवसर पर रैली निकाली और रैली के माध्यम से लोगों को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक किया।

उधर, उप- निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से राजौंद के गांव नीमवाला फरियाबाद व सौंगल में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक किया। इसके अलावा किसानों को मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाए रखने के लिए फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने की सलाह दी।

सहायक तकनीकी प्रबंधक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि फसल अवशेषों को जीरो टील मशीन सुपर सीडर व रुटावेटर की सहायता से मिट्टी में मिलाया जा सकता है व फसल अवशेषों के जलाने से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान, मिट्टी की गुणवत्ता में कमी व पर्यावरण को होने वाले नुकसानों के बारे में जागरूक किया।
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किसानों को बताया कि जो किसान फसल अवशेष प्रबंधन करेंगे उनको एक हजार रुपये की प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिसका लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। राजौंद के गांवों में ये जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं।
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