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एड्स से लड़ने के लिए जागरूकता जरूरी : राव

Tue, 02 Dec 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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एड्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मेें मौजूद आरती राव व अन्य।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। विश्व एड्स दिवस पर सोमवार को आरकेएसडी पब्लिक स्कूल के हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि एचआईवी और एड्स से लड़ने के लिए जन-जागरूकता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक सशक्त और संवेदनशील स्वास्थ्य तंत्र विकसित किया है, जिसके माध्यम से एचआईवी संक्रमितों को हर संभव इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को एड्स-मुक्त बनाने के लक्ष्य में आमजन की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है।
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इससे पूर्व उन्होंने स्कूल परिसर में स्वास्थ्य विभाग की लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि विश्व एड्स दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है। जागरूकता ही एड्स को हराने का सबसे प्रभावी उपाय है।

उन्होंने कहा कि सरकार नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए लगातार कार्यक्रम चला रही है। हमें अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए, उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखनी चाहिए और उन्हें अपना दोस्त बनाकर सही मार्गदर्शन देना चाहिए। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने स्वास्थ्य मंत्री और अतिथियों का स्वागत किया तथा एड्स से बचाव, रोकथाम और उपचार से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की। कार्यक्रम में पूर्व विधायक लीला राम, गुहला के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. सुखबीर सिंह, संयुक्त निदेशक रामकुमार शर्मा, निधि मोहन, हरपाल शर्मा, जगतार माजरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



प्रदेश में 24 एआरटी केंद्र कार्यरत ः स्वास्थ्य मंत्री

कैथल। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश में 24 एआरटी केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें 13 नए केंद्र मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 5 एफआईएआरटी केंद्र और 4 लिंक एआरटी केंद्र भी सेवाएं दे रहे हैं। हरियाणा में 104 आईसीटीसी केंद्र संचालित हैं, जिनमें फरीदाबाद की मोबाइल आईसीटीसी भी शामिल है।
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राव ने बताया कि पीपीपी मोड के माध्यम से अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे टेस्ट एचआईवी पीड़ितों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिसंबर 2021 से एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को 2250 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। इस वर्ष 27.78 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी ब्लड बैंक में एचआईवी पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है। संवाद
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