संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटड़ा में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से किशोर मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आत्म-जागरूकता विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने शिरकत की और विद्यार्थियों को जागरूक किया।
अनिल मलिक ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमताओं का सही अंदाज लगाते हुए जीवन में उत्पन्न तनाव का सामना बेहतर तरीके से कर सकता है। ऐसे व्यक्ति की कार्य उत्पादकता अधिक होती है और वह समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे पाता है। उन्होंने कहा कि उम्र के विकास और तकनीकी दौर में भी अपनी पहचान बनाए रखने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता बढ़ाना जरूरी है, जिसमें आत्म-जागरूकता सहायक सिद्ध होती है।
उन्होंने कहा कि आत्म-जागरूक व्यक्ति अपनी भावनाओं, विचारों और उन पर अपने प्रभाव को बेहतर समझ पाता है। बाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से आत्म-जागरूकता बढ़ाने के लिए चिंतन करना, दूसरों से प्रतिक्रिया लेना आदि का अभ्यास जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान ने कहा कि खुद को जानना, सामाजिक वातावरण की समझ, शारीरिक और मानसिक बदलावों की जानकारी ही बाल सुरक्षा के स्पष्ट नियम हैं। इस अवसर पर विन्द्र कुमार, पवन कुमार, नवनीत कुंडू सहित अन्य उपस्थित रहे।