संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डाकखाना खाताधारकों को ठगी से बचाने के लिए अधिकारियों ने एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी वाले एजेंटों से बचकर डाकखाना खाताधारक रहें। इसके अलावा डिजिटलाइजेशन करते समय भी सावधानी बरतें, नहीं तो खाता खाली हो सकता है।
उनका कहना है कि आजकल शहर में कई एजेंट शहर के विभिन्न डाकखानों में अपनी मां, बहन व बेटियों के नाम से एजेंसी चला रहे हैं। शहर के विभिन्न डाकघरों मेें लगभग 90 एजेंट काम कर कर रहे हैं और इनके पास हजारों खाताधारक हैं। एजेंटों को कुछ प्रतिशत कमीशन मिलता है।
मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर व पूर्व सेना अधिकारी संजय सोनी ने जिले के सभी खाताधारकोंं से अपील करते हुए कहा कि ठगी करने वाले एजेंट से बचें व कोई ठगी का शिकार न बनें। खाता धारक शहर के चार डाकघरों, मॉडल टाउन, सीवन गेट, लघु सचिवालय के सामने व अंबाला रोड पंजाब नेशनल बैंक साथ लगते गली में स्थित है, उनमें रजिस्ट्री व स्पीड पोस्ट दोपहर ढाई बजे तक करवा सकते हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल पार्सल भी आप किसी भी डाकघर में जमा कर सकते हैं।
इसके लिए आपको मुख्य डाकघर में आने की जरुरत नही हैं अपने निकट के डाकघरों में ये सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोई भी खाताधारक अपना खाता इनमें अपडेट करवा सकता है। अगर कोई व्यक्ति अपने स्तर पर ऐसा करने की बात कहता है तो वह ठगी कर सकता है।
उन्होंने बताया कि खाता धारक किसी मेन्युअल एंट्री में न फंसें और ये मान्य भी नहीं है। समय-समय पर एजेंटों से अपनी कॉपियां लेकर चेक करवाते रहें। उन्होंने बताया कि डीसी ऑफिस से उनको कार्ड जारी किए जाते हैं। कार्ड में अपने हस्ताक्षर करें व हर महीने कॉपी दें और बैलेंस भी चेक करते रहें।
उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके पास कुछ शिकायतें आई थीं, जिसमें एक खाता धारक कृष्ण कुमार ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि एक एजेंट उसकी छह महीने से कॉपी नहीं दे रहा। उन्होंने मौके पर एजेेंट को बुलाया तो उसने अपनी गलती मान ली। उसने भविष्य में ऐसी गलती न करने की माफी मांगी व मौके पर ही खाताधारक की समस्या का निपटारा किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे कईं मामले सामने आए हैं जिन पर कार्रवाई की गई है। पोस्ट मास्टर संजय सोनी ने बताया कि ये एजेंट कोई विभाग के कर्मी नहीं है। इन्हें बचत योजना के तहत केवल महिलाओं को ही अधिकृत एजेंट बनाया जाता है। कानून तो ये ही है जो वास्तव में एजेंट है, केवल वही डाकघर में आकर खाताधारकों की राशि जमा करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मुख्य डाकघर में पद्भार संभाला तो डाकघर में खाताधारकों की राशि जमा करवाने के लिए काई भी एजेंट अपने परिवार के सदस्यों को भेज देते थे। वे बहाना बनाते थे कि मेरी पत्नी बीमार, मेरी बेटी बीमार है। उन्होंने इस पर संज्ञान लेते हुए केवल जो सही एजेंट है उसे बुलाना शुरू कर दिया। अगर किसी खाताधारक को समस्या है तो वह मुख्य डाकघर में आकर संपर्क कर सकता है।
कैसे बचे साइबर फ्रॉड से
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सदैव सचेत रहें। किसी भी प्रकार के ईमेल- मैसेज या कॉल मिले तो सावधानी बरतें। ऐसे किसी भी व्यक्ति पर विश्वास न करें और किसी भी मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। यदि आपको किसी भी जानकारी के बारे में पता करना है, तो गूगल में टाइप करें, गलती से भी अपने पासवर्ड, ओटीपी और अन्य जानकारी को शेयर न करें। यदि आपका इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में खाता है, और आपको यह मैसेज प्राप्त होता है, तो आपको प्राप्त मैसेज पर कार्रवाई करने या उसमें क्लिक करने से पहले सोचना चाहिए, यदि आपको ऐसा मैसेज प्राप्त हुआ है, तो एक बार बैंक से जरूर इसकी जाँच करा लें और आपको इस तरह के मैसेज पर क्लिक नहीं करना चाहिए।