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नियम-कायदों को रौंदते ऑटो चालक

Sat, 20 Jun 2015 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
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कैथल शहर में ओवरलोडेड ऑटो लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। चालक अपने फायदे के लिए ऑटो में ठूंस-ठूंस कर सवारियां भर लेते हैं। लेकिन उन्हें लोगों की जान की कोई फिक्र नहीं है। चंडीगढ़-हिसार हाईवे पर शुक्रवार को हुआ हादसा इस बात का गवाह है।
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चालक ने ऑटो में 11 छात्रों का बिठा रखा था। नियमों के अनुसार परिवहन विभाग ने एक ऑटों में 5-6 लोगों को बिठाने की अनुमति दे रखी है। लेकिन शहर में ओवरलोड ऑटो आम देखे जा सकते हैं। पुलिस और प्रशासन देखकर भी मौन है। ऑटो चालकों पर बेखौफ होकर सवारियां बिठाते हैं। नियमों का टायरों के नीचे रौंदते हैं। 

हर रोज नए ऑटो सड़कों पर उतर रहे हैं। लेकिन इनकी कोई रोक टोक नहीं है। ना ही किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता। ऑटो चालकों का नियमों की पालना की बजाए यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर ले जाने में ज्यादा ध्यान रहता है।
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12 से ज्यादा सवारी बैठाते हैं चालक
परिवहन विभाग द्वारा ऑटो चालकों को तीन साल पहले 5 से 6 सवारियां बैठाने की अनुमति दी थी। 6 स्कूली बच्चे ही अलाउड हैं। लेकिन इन नियमों की पालना नहीं हो पा रही है। ऑटो चालक 12 से लेकर 15 तक भी सवारियां बैठा लेते हैं। खास बात ये है कि सवारियां बिठाने के लिए चालक कभी भी, कहीं भी अचानक ब्रेक लगा देते हैं। इस कारण हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।

यहां-यहां ज्यादा परेशानी
करनाल रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर बाईपास, शहर में पिहोवा चौक, खंडा साहब चौक से लेकर हिंद सिनेमा रोड एवं अर्जुन नगर एवं चंदाना गेट तक ऑटो के जरिये आवाजाही रहती है। ऑटो चालक सवारी देखकर भरी सड़क के बीच कहीं भी ब्रेक लगा देते हैं। ऑटो के पीछे एवं साइड से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। हादसा होने का अंदेशा रहता है।
पुराना बस अड्डा, पिहोवा चौक, क्वालिटी चौक, चंदाना गेट, नए बस अड्डे के सामने सहित करनाल रोड बाईपास चौक के अलावा लघु सचिवालय के निकट दिन भर लगने वाले ऑटो के जमघट से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
 शहर में 4000 से ज्यादा ऑटो
शहर में तीन साल पहले तक करीब 1800 ऑटो को रजिस्टर्ड किया गया था। लेकिन इसके बाद यह रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी अधर में लटक गई। अब अंदाजा लगाया जा रहा है कि शहर में 4000 से अधिक ऑटो हैं। संचालन को लेकर किसी प्रकार की नियमावली नहीं है। करनाल रोड पर से अधिकतर ऑटो गुजरते हैं। यहां सवारियों के लिए एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी रहती है।

शहर के लोगों की बार-बार मांग के बावजूद ऑटो के लिए कोई स्टैंड निर्धारित नहीं किया जा सका है। पिहोवा चौक पर तो दिन भर ऑटो के कारण जाम की स्थिति रहती है। चार से पांच ऑटो लाइन में यहीं पर खड़े रहते हैं। बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव कर्ण गौड़ एडवोकेट, विजय कुमार, इनेलो नेता धर्मबीर केमिस्ट, भाजपा नेता आशु गर्ग, समाजसेवी अश्विनी हृतवाल का कहना है कि ऑटो चालकों द्वारा नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को कदम उठाने चाहिए। शहर में कई जगहों पर ऑटो चालकों के कारण जाम एवं दुर्घटनाओं की स्थिति रहती है। ऑटो चलाने से पूर्व प्रशासन से अनुमति लेने का प्रावधान किया जाए।

ऑटो चालकों को लेकर यातायात पुलिस प्रभारी को निर्देश दिए गए थे। एक बार फिर इस बारे में आवश्यक जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि ऑटो चालकों को सूचीबद्ध करते हुए नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए।
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कृष्ण मुरारी, एसपी। 
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