कलायत में डा.सीमा परमार व उनके पति डा.अश्विनी राणा को सम्मानित करते समाज सेवी संगठन। संवाद
कलायत। हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर सीमा परमार ने एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। वह कलायत के दिवंगत कवि जय सिंह राणा की रचनाओं को गुमनामी से बाहर लाने का बीड़ा उठा रही हैं। इस अभियान के लिए कलायत में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में कपिल मुनि तीर्थ कमेटी सहित विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने सीमा परमार को सम्मानित किया। यह सम्मान उनके प्रयासों की सराहना में दिया गया। उनका लक्ष्य इन रचनाओं को सूर्य कवि दादा लख्मी जैसे महान कवियों के समान पहचान दिलाना है। सीमा परमार अपने ससुर कवि जय सिंह राणा की इन रचनाओं को अपनी सुरीली आवाज में प्रस्तुत कर रही हैं। संगीत निर्देशक रविंद्र नागर ने इन सभी रचनाओं को संगीतबद्ध किया है। उन्होंने इन रचनाओं के लिए पूरा संगीत तैयार करने का कार्य किया। रविंद्र नागर ने सीमा परमार को गायन का गहन अभ्यास भी करवाया है।
कलायत में डा.सीमा परमार व उनके पति डा.अश्विनी राणा को सम्मानित करते समाज सेवी संगठन। संवाद