संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कमेटी चौक स्थित बाल उपवन आश्रम बाल संरक्षण केंद्र व बाल उपवन आश्रम विशेष दत्तक एजेंसी का सोमवार को डीसी प्रीति ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यहां रह रहे बच्चों से वहां मिल रहीं सुविधाओं के बारे में पूछा।
सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण कर अधिकारियों को डीसी ने निर्देश दिए कि बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाई जाए। जब कोई बच्चा पहली बार यहां आए तो संक्रामक रोगों की जांच के साथ-साथ सभी जरूरी टेस्ट भी करवाएं ताकि कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो तो उसका इलाज करवाया जा सके। डीसी ने यहां रह रहे बडे़ बच्चों को रुचि अनुसार वोकेशनल ट्रेनिंग करवाए जाने के साथ-साथ रोजगार के लिए जिला रोजगार अधिकारी से सामंजस्य बैठाकर आवश्यक कदम उठाने को कहा।
डीसी ने बच्चों से बातचीत की और आश्रम में दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी पूछा। डीसी प्रीति सोमवार दोपहर बाद कमेटी चौक स्थित बाल उपवन आश्रम बाल संरक्षण केंद्र व बाल उपवन आश्रम विशेष दत्तक एजेंसी पहुंचीं। जहां सबसे पहले उन्होंने बच्चों के शयनकक्ष का दौरा किया। यहां अयोध्या भ्रमण से लौटे बच्चों से डीसी ने यात्रा के अनुभव पूछे।
इसके बाद उन्होंने शौचालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम संचालकों सहित स्वास्थ्य विभाग से आए चिकित्सकों, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष व सदस्यों से आवश्यक जानकारी भी ली। इसके बाद डीसी ने विशेष दत्तक एजेंसी परिसर का निरीक्षण किया। जहां छोटे बच्चों की देखभाल करने वाली नर्स व अन्य स्टॉफ सदस्यों से बच्चों की जानकारी हासिल की।
उन्होंने कहा कि यहां स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। डीसी ने एजेंसी के स्टॉफ की सराहना की। इसके बाद डीसी रसोई में पहुंचीं, जहां आज दोपहर में दिए गए खाने सहित सप्ताह में क्रमानुसार दिए जा रहे खाने के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल की।
उन्होंने इस दौरान कहा कि यहां रह रहे बच्चों को किसी तरह की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरे अच्छी हालत में होने चाहिए। बच्चों को शिक्षाप्रद कॉमिक्स सहित पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को गोद देने की जो प्रक्रिया है, उसका पूरी तरह से पालन किया जाए।
डीसी ने बच्चों के स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ दांतों व आंखों की जांच के लिए नियमित तौर पर शिविरों का आयोजन करने के बारे में भी आवश्यक निर्देश दिए। बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग की जाए और बच्चों को दी जानी वाले भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए।
इस मौके पर सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन राणा बंसल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिल अग्रवाल आदि माैजूद रहे।