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Kaithal News: पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की अस्थि कलश यात्रा पहुंची

Mon, 30 Dec 2024 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ओमप्रकाश चौटाला की अस्थि कलश यात्रा इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा की अगुवाई में रविवार को कैथल पहुंची। अस्थि कलश यात्रा के साथ इनेलो के रानियां विधायक अर्जुन चौटाला व डबवाली से विधायक आदित्य चौटाला भी मौजूद रहे।

कैथल पहुंचने पर इनेलो प्रभारी एवं प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, एडवोकेट शशी वालिया व जिलाध्यक्ष राजा राम माजरा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कलश यात्रा को नमन किया और भावुक होते हुए स्व. ओमप्रकाश चौटाला के जाने को अपूर्णीय क्षति बताया।
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शोक सभा में शहर के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक व व्यापारिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोक सभा में प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला ने

हमेशा जननायक चौ. देवीलाल की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम किया। माजरा ने कहा कि स्व. ओमप्रकाश चौटाला के शासन को आज भी हरियाणा के लोग याद करते है।

इससे पूर्व कलश यात्रा को किठाना से युवा नेता अमन माजरा ने रिसीव किया और जवाहर पार्क में कलश यात्रा को रखा गया। कलश यात्रा के दर्शनों को लेकर जिले भर से पदाधिकारी व कार्यकर्ता

पहुंचे और उन्होंने स्व. ओमप्रकाश चौटाला को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस मौके पर श्रद्धासुमन अर्पित करने वाले कार्यकर्ताओं में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट संजीव माजरा, जलबोर्ड के पूर्व सदस्य रामप्रकाश गोगी, हलका प्रधान अनिल तंवर, जसमेर तितरम, ईश्वर मैहला, मा. बलबीर मटौर, पूर्व सरपंच मियां सिंह जाजनपुर व ऋषि राज राणा शामिल रहे।
स्मृति शेष ओमप्रकाश चौटाला
सिरसा के चौटाला गांव में एक जनवरी 1935 को ओम प्रकाश चौटाला का जन्म हुआ था। उन्होंने पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पहली बार दो दिसंबर 1989 को वह मुख्यमंत्री बने और 22 मई 1990 तक इस पद पर रहे।

दूसरी बार 12 जुलाई 1990 को मुख्यमंत्री बने, जब बनारसी दास गुप्ता को हटाया गया था लेकिन उन्हें पांच दिन बाद ही इस्तीफा देना पड़ा। तीसरी बार 22 अप्रैल 1991 को मुख्यमंत्री बने, लेकिन दो हफ्ते बाद ही राष्ट्रपति शासन लग गया। चौथी बार 24 जुलाई 1999 को मुख्यमंत्री बने।

उन्होंने दिसंबर 1999 में विधानसभा भंग कर दी। फिर चुनाव हुए और 2 मार्च 2000 को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने। इस बार वे पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 1993 में चौटाला ने नरवाना उपचुनाव जीता था और इसके बाद 1996 में उन्होंने हरियाणा लोक दल (राष्ट्रीय) नाम से नई पार्टी बनाई। वर्ष 1998 में बसपा संग मिलकर पांच लोकसभा सीटें जीतीं। फिर पार्टी का नाम बदलकर इंडियन नेशनल लोकदल कर दिया गया।
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चौटाला की शादी स्नेह लता से हुई थी, जिनका निधन अगस्त 2019 में हो गया। उनके दो बेटे अजय और अभय चौटाला हैं। अजय की पत्नी नैना और अभय की पत्नी कांता हैं। चौटाला की तीन बेटियां भी हैं। सुचित्रा, सुनीता और अंजलि। उनके तीन भाई हैं। रणजीत सिंह चौटाला, प्रताप सिंह चौटाला और जगदीश कुमार चौटाला।
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