भव्य रूप से सजाया गया प्राचीन श्री भवानी मंदिर।
गुहला-चीका। नवरात्र के आठवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। अष्टमी के अवसर पर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान अनेक श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर उन्हें भोजन करवाया और नवरात्र व्रतों का समापन किया। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए प्राचीन श्री भवानी मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया।
कठोर तपस्या से प्राप्त किया भगवान शिव को
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गंगाजल से उन्हें स्नान कराया जिससे उनका स्वरूप गौर वर्ण का हो गया। इसी कारण उन्हें मां महागौरी कहा जाता है।
कन्या पूजन का विशेष महत्व
अष्टमी पर छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है। श्रद्धालु कन्याओं को भोजन, फल, मिठाई और उपहार भेंट करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मां महागौरी की पूजा करने से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।