कैथल। लघु सचिवालय में वीरवार को आशा कर्मी यूनियन के बैनर तले आशा वर्करों ने तीन दिवसीय हड़ताल के तीसरे दिन राज्य कमेटी के आह्वान पर 17 अगस्त तक हड़ताल बढ़ा दी है। आशा वर्कर सुषमा जडोला की अध्यक्षता में हड़ताल पर बैठी। मंच संचालन जिला सचिव कविता ने किया।
इस मौके पर मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे सीटू राज्य महासचिव कामरेड जय भगवान ने कहा कि मानदेय बढ़ाने व परियोजना कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देते हुए पक्का करने सहित अन्य मांगों को लेकर आशा वर्कर सड़कों पर उतर रही हैं। कई महीनों से मानदेय बकाया है। वहीं कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर किए गए कार्य का भी अभी तक पैसा नहीं मिला है। जिला प्रधान सुषमा जडौला ने कहा कि आशा वर्करों ने मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2018 के बाद आशा वर्करों के काम में कई गुणा बढ़ोत्तरी हो चुकी है परंतु पांच साल से मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई है। मांग की कि आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए और इन्हें 26 हजार न्यूनतम वेतन दिया जाए। आशा वर्करों को पक्का किया जाए।
मांग की कि आशा वर्करों के मानदेय और प्रोत्साहन राशियों में महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाए। आशा वर्कर्स को ईएसआई और पीएफ और सेवानिवृत्ति का लाभ सहित सभी सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए। इसके अलावा अनुभव और योग्यता के आधार पर आशा वर्करों की पदोन्नति की जाए। मुख्यमंत्री की तरफ से घोषित सात हजार रुपये तुरंत जारी किए जाए।
इस अवसर पर रीना, ज्योति कुंडू, रोशनी, मंजू, प्रकाशो, चरणजीत कौर, सुमन, आशा, कविता, प्रवेश, मेनका, सुरेंद्र, जीतो, सीटू जिला सचिव नरेश रोहेड़ा, कैशियर जयप्रकाश शास्त्री, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान शिवचरण, जिला सचिव मास्टर रामपाल शर्मा, राज्य उप प्रधान जरनैल सिंह व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश हरित व किसान सभा से जिला प्रधान कामरेड महेंद्र सिंह मौजूद रहे।