संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। चीका के खरौदी रोड, खुशहाल माजरा और सदहरेडी क्षेत्र के आसपास स्थापित राइस मिलों से निकलने वाला गंदा पानी, राख और चावल का छिलका किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। इससे परेशान किसानों ने प्रदूषण विभाग पंचकूला व कैथल को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
मामले में नाराज किसानों ने शिकायत में बताया कि क्षेत्र के कुछ राइस मिल संचालक मिलों से निकलने वाले गर्म व गंदे पानी को बोरवेल के माध्यम से जमीन के अंदर डाल रहे हैं, जिससे भूजल जहरीला हो रहा है। वहीं कुछ मिल मालिक इस पानी को खुले में छोड़ देते हैं। खुले में जमा यह पानी दिनभर बदबू मारता रहता है और जमीन की उर्वरक शक्ति को भी नष्ट कर रहा है।
किसानों का कहना है कि इसके अलावा राइस मिलों से निकलने वाली राख और चावल का छिलका हवा के साथ उड़कर उनकी गेहूं की फसल पर चिपक जाता है। इससे पौधों का समुचित विकास नहीं हो पाता और पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वार्ड नंबर 12, खरौदी रोड निवासी नरेश सीड़ा, बलजीत सिंह, भोलू, निर्मल सिंह, विक्की कुमार, सुरेश कुमार और गुरमीत सिंह ने बताया कि उनकी कृषि भूमि और मकानों के आसपास राइस मिलें लगी हुई हैं। मिलों से निकलने वाली डस्ट के कारण उनका जीना दूभर हो गया है। किसानों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर कई बार राइस मिल संचालकों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। पीड़ित किसानों ने प्रदूषण विभाग से मांग की है कि राइस मिलों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें इस समस्या से राहत दिलाई जाए।
इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच करवाई जाएगी और गंदे पानी, राख व चावल के छिलके को खेतों में गिराए जाने की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीण कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी-प्रदूषण विभाग कैथल