रामलीला मंचन के कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि। विज्ञप्ति
कैथल। जिले के सीवन में आयोजित जय मां बाहरवाली रंगमंच क्लब की रामलीला में मंगलवार रात सीता स्वयंवर का प्रसंग श्रद्धा और उत्साह के साथ मंचित किया गया। भगवान श्रीराम की ओर से शिव धनुष तोड़े जाने के दृश्य ने दर्शकों में विशेष उत्साह पैदा कर दिया और पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ गौशाला सेवा समिति के सदस्य पाली सैनी और समाजसेवी सुरेश सैनी ने रिबन काटकर किया। दोनों अतिथियों का क्लब सदस्यों ने स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और श्रद्धालु रामलीला देखने पहुंचे। मुख्य अतिथि पाली सैनी ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, धर्म और आदर्शों की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर जगदीश सैनी, सुरेश सैनी, राजीव सैनी, रामप्रकाश सैनी, पाला राम, भान सैनी, रवि सैनी, सुनील सैनी, बंटी बहल और संजू सैनी सहित क्लब के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
भगवान शिव का धनुष उठाने की शर्त रखी
मंचन के दौरान राजा जनक ने सीता स्वयंवर में भगवान शिव का धनुष उठाने की शर्त रखी। कई राजाओं और राजकुमारों के प्रयास के बाद भी धनुष नहीं उठा। गुरु की आज्ञा मिलने पर भगवान श्रीराम ने धनुष उठाया और उसके टूटते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके बाद माता सीता की ओर से श्रीराम के गले में वरमाला डालने का दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। सुरेश सैनी ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने रामलीला के सफल आयोजन के लिए क्लब सदस्यों और कलाकारों को बधाई देते हुए उनकी मेहनत की सराहना की। राम की भूमिका बिट्टू सैनी, लक्ष्मण की सुनील सैनी, दशरथ की शिवलाल सैनी, जनक की सन्नी सैनी और सीता की भूमिका प्रदीप सैनी ने निभाई। साहिल सैनी और संजीव सैनी ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। राजू पंडित सीवन ने मंच संचालन किया। धार्मिक प्रसंगों के साथ हास्य दृश्यों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया।
रामलीला मंचन के कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि। विज्ञप्ति