कलायत। शाम होते ही कलायत नगर की सडक़ों व गलियों में गौवंश का कब्जा हो जाता है। जिसके कारण रेलवे रोड़ पर यातायात बाधित होता है। आवारा पशु शाम होते ही रेलवे रोड़ पर अपना कब्जा कर लेते हैं। इनकी वजह से कई दोपहिया वाहन चालक जख्मी हो चुके हैं। राजेंद्र, ईश्वर, तन्नू भारती, रोशन, दयाशंकर आदि का मानना है कि अन्य गांवों के लोग पशुओं को कलायत में छोड़ जाते हैं। इससे पहले नगर के युवाओं ने अभियान चला कर आवारा पशुओं को गौशाला पहुंचाया था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए कदम उठाए। गौशाला मुढाड प्रधान योगेश गर्ग ने बताया कि गौशाला में पहले से ही 35 सौ पशु हैं। वे गौवंश को गौशाला में संरक्षण देने को तैयार हैं। अगर प्रशासन अन्य नगरों की तरह से प्रति गौवंश प्रति दिन के हिसाब से आर्थिक सहायता गौशाला को उपलब्ध करवा सके तो गौवंश के संवर्धन में गौशाला को आसानी होगी।