कैथल। होनहार 13 वर्षीय क्रिकेटर अरविंद बूरा ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा के दम पर कैथल का नाम रोशन किया है। अरविंद, डॉ. भूपेंद्र बूरा के सुपुत्र हैं। वर्तमान में वे डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-8सी, चंडीगढ़ में अध्ययनरत हैं। छठी कक्षा तक उन्होंने सिल्वर ओक स्कूल, कैथल से शिक्षा प्राप्त की, जहां से उनकी खेल यात्रा की मजबूत नींव पड़ी। विशेष बात यह है कि उनके पिता ही उनके कोच भी हैं।
अरविंद पिछले आठ वर्षों से क्रिकेट प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने पुलिस लाइन मैदान और इंडस इंटरनेशनल स्कूल में अभ्यास कर तकनीक को निखारा। डीएवी क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण भी लिया। यहां कोचों के मार्गदर्शन में उन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फिटनेस पर विशेष ध्यान देते हुए अपने खेल स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। संवाद
प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2024-25 में अरविंद ने इंटर स्कूल स्टेट यूटी चंडीगढ़ अंडर-14 क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। इसके बाद वर्ष 2025-26 में उन्होंने और अधिक मेहनत व समर्पण के साथ खेलते हुए उसी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इसी सत्र में राजस्थान में आयोजित अंडर-14 स्कूल नेशनल गेम्स में भी उन्होंने भाग लेकर अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया। राष्ट्रीय स्तर पर खेलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इस प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धी माहौल में खेलते हुए उन्हें महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ।
कोच बोले
अरविंद के पिता और कोच डॉ. भूपेंद्र बूरा ने बताया कि अरविंद अनुशासित, मेहनती और टीम भावना से खेलने वाले खिलाड़ी हैं। वे नियमित अभ्यास के साथ अपनी कमजोरियों पर अतिरिक्त समय देकर काम करते हैं। उनकी फिटनेस, फील्डिंग और मैच के दौरान संयमित रवैया उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाता है।