कैथल/गुहला-चीका। अधिकारियों की टीम के साथ डीसी जगदीश शर्मा ने शनिवार को मानस ड्रेन, घग्घर गेज, सरोला साइफन, रसुलपुर सरस्वती रीवर ब्रिज, फर्शमाजरा, जगदीशपुरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए विशेष प्रबंध करने के आदेश जारी किए। डीसी ने बारिश के पानी की निकासी के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए संबंधित विभाग बाढ़ प्रबंधन हेतु जितने भी कार्य हैं, उन्हें समय रहते पूरा करें। बारिश के सीजन से पहले सभी ड्रेनों की सफाई करवाना सुनिश्चित करें। जिला में बाढ़ प्रबंधन के दृष्टिगत जो भी नए कार्य चल रहे हैं, उन्हें भी समय रहते पूरा करें, ताकि संभावित बरसाती पानी के खड़े होने की समस्या से किसानों को पूरी तरह से निजात मिल सके। डीसी ने फर्शमाजरा में चार हजार फीट, जगदीशपुरा में लगभग 6500 फीट भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के कार्य का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला में सभी पंपसेट दुरुस्त होने चाहिए। यदि किसी पंप सेट में मरम्मत की आवश्यकता है, तो समय रहते ठीक करवा लें। समय से पहले तैयारियां बहुत जरूरी है ताकि बाढ़ का पानी शहर के साथ लगते इलाकों को प्रभावित न कर सके। पानी की निकासी के व्यापक प्रबंध होना जरूरी है। गांव फर्शमाजरा व जगदीशपुरा पहुंचने पर ग्रामीणों ने डीसी का स्वागत किया। इस मौके पर अधीक्षक अभियंता एमआर गर्ग, डीडीपीओ कंवर दमन, तहसीलदार अनिल कुमार बिढ़ान, कार्यकारी अभियंता प्रशांत, डीएसपी सुनील कुमार, नायब तहसीलदार सुनील कुमार, ईओ कुलदीप मलिक, शब्द दयाल के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जिले में है 149 पंप की व्यवस्था-
डीसी के दौरे के दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता एमआर गर्ग ने डीसी को जानकारी दी की बारिश के मौसम में संभावित बाढ़ आने के दृष्टिगत पानी की निकासी के लिए जिला प्रशासन के पास 149 पंपों की व्यवस्था है, जिनमें 70 मोबाइल डीजल पंप सेट हैं, 32 मोबाइल इलेक्ट्रिक पंपों की व्यवस्था है, जो विभिन्न स्थानों पर लाए और ले जा सकते हैं। इसके अलावा 47 परमानेंट पंप हाउस हैं।