कमल बहल/नरेंद्र राणा
कैथल/पूंडरी। जिले में कई रूटों पर इस समय किराये पर निजी बस संचालकों की ओर से भारी मनमानी की जा रही है। कई निजी बस संचालक निर्धारित किए गए किराये से अधिक किराया वसूल रहे हैं। ऐसे में पूंडरी व राजौंद क्षेत्र में निजी बस संचालकों की अधिक मनमानी चल रही है। इसमें यात्रियों को बेवजह ही किराये को लेकर लगातार परेशान किया जा रहा है।
इस पर संबंधित विभाग भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पूंडरी में पूंडरी से फरल व फरल से ढांड के लिए पांच की बजाय 10 रुपये किराया वसूला जा रहा है। यही नहीं, यदि कोई यात्री इसका विरोध करता तो उसके साथ बहस भी निजी बस संचालकों के परिचालकों की ओर से की जाती है। जबकि इस रूट पर पूंडरी से फरल तक महज पांच रुपये का किराया ही लगता है। इसके साथ ही राजौंद में कई गांवों में जाने के लिए निजी बस संचालकों की ओर से अधिक किराया वसूला जाता है। गौरतलब है कि हाल ही सरकार ने निजी बसों को जिले में विभिन्न रूटों पर 108 परमिट बनाएं हैं। इसकी अधिसूचना जारी की गई है। इस पर जल्द ही कार्य विभाग की ओर से शुरू किया जाना है।
पांच किलोमीटर दूर ढांड जाने के लिए रहे हैं 10 रुपये ः इस समय निजी बस संचालकों की ओर से पूंडरी से ढांड रोड पर सरकार के निर्देश को ठेंगा दिखाया जा रहा है। सरकार की ओर से निर्धारित मापदंडों पर निजी बस संचालक खरा उतरते नहीं दिख रहे।
दैनिक यात्रियों का कहना है कि गांव फरल से ढांड की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। किराया होना चाहिए पांच रुपये है, लेकिन 10 रुपये वसूल रहे हैं। जबकि हरियाणा परिवहन की बसों में पांच रुपये ही लिए जा रहे हैं।
यात्रियों ने बताया कि अगर कोई यात्री कहे कि जब सरकारी बस में पांच रुपये लगते हैं तो फिर 10 रुपये क्यों लिए जा रहे हैं। जिस पर निजी बस परिचालक उनसे झगड़ा व दबंगई दिखाते हुए बीच रास्ते में उतारने की धमकी देते हैं।
ये बोले यात्री
मैं अक्सर ढांड काम से जाता रहता हूं। अभी कुछ दिन पहले ढांड सरकारी बस से गया तो उसमें पांच रुपये लिए लेकिन दो दिन बाद जब मैं प्राइवेट बस में गया तो कंडक्टर ने 10 रुपये मांगे। जब मैंने कंडक्टर को बोला कि सरकारी बस में तो पांच रुपये लगते तो कंडक्टर बोला कि इसमें तो 10 रुपये ही लगेंगे। बैठना हो तो ठीक वरना नीचे उतर जा। जिस पर उन्हें 10 रुपये ही देने पड़े।
- बिन्नू फरल, दैनिक यात्री।
फरल बस स्टेंड पर प्राइवेट बस चालकों की ओर से 10 रुपये लिए जाने पर नित्य यात्रियों की चर्चा होती है। हद तो इस बात की है कि संबंधित विभाग व सरकार के किसी अधिकारी ने अभी तक इनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई ही नहीं की। जब कंडक्टरों से पूछा कि अधिक किराया क्यों ले रहे हैं तो कहते हैं कि जो करना है कर लो। जहां शिकायत करना हो, कर लें। - संदीप, दैनिक यात्री, फरल।
मजबूरीवश दोगुना किराया देना पड़ रहा है। शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब यात्रियों व परिचालक के बीच किराए को लेकर झगड़ा न होता हो। पूंडरी से ढांड रोड पर सरकारी बसों के बजाय निजी बसों के अधिक रूट होने से निजी बसों में सफ़र करना पड़ रहा है। दैनिक यात्रियों की सरकार से मांग है कि निजी बस संचालकों मनमानी व परिचालकों की तानाशाही से छुटकारा दिलाया जाए। -रोहन, दैनिक यात्री, ढांड।
निजी बस संचालकों की ओर से दोगुना किराया वसूलने की जानकारी आपके माध्यम से मिल रही है। कई बार निजी बस संचालकों के खिलाफ लोग झूठी शिकायतें भी दे देते हैं परंतु इस मामले में संज्ञान लेकर विभाग की आरे से गहनता से जांच की जाएगी। यदि इस रूट पर वाकई दोगुने किराये की समस्या है तो वे संबंधित निजी बस संचालक के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई करेंगे, चाहे उनका परमिट ही क्याें न रद्द करना पड़े। -गिरिश, सचिव, आरटीए, कैथल।