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Kaithal News: राजस्व न्यायालय के बहिष्कार का किया एलान

Tue, 16 Apr 2024 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिला न्यायिक परिसर में लिटिगेंट हॉल की कैंटीन के हॉल के मुद्दे पर जिला बार एसोसिएशन ने उपायुक्त के खिलाफ अपना मोर्चा खोलते हुए राजस्व न्यायालय (रेवन्यू कोर्ट) के बहिष्कार करने का फैसला लिया है। यदि आदेशों के बावजूद कोई अधिवक्ता रेवन्यू कोर्ट में किसी केस के संदर्भ में जाएगा तो एसोसिएशन उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना करेगी। इस मामले में एसोसिएशन के प्रधान बलजिंद्र सिंह मलिक ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर उपायुक्त प्रशांत पंवार पर कथित दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। दूसरी ओर, उपायुक्त ने अधिवक्ताओं पर हॉल का व्यक्तिगत तौर पर प्रयोग करने की बात कही है। इसी वजह से उन्हें रोका गया है।

डीसी के आदेश के बाद बार एसोसिएशन हॉल न देने के मुद्दे पर अब मुखर हो गया है। एसोसिएशन के प्रधान बलजिंद्र सिंह मलिक ने कहा कि फैसले के तहत रेवेन्यू कोर्ट के अधीन आने वाली उपायुक्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार की कोर्ट का बहिष्कार किया जाएगा। मलिक ने बताया कि बार परिसर में बनी कैंटीन काफी समय से बंद पड़ी है जिसमें गंदगी फैल गई है।
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इस बारे में जिला बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी व अन्य अधिवक्ता डीसी प्रशांत पंवार के पास गए थे और कहा था कि वे कैंटीन के हाॅल को प्रयोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां अधिवक्ताओं के बैठने के लिए स्थान कम है। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि वे चाहें तो इस बारे एक शपथपत्र (एफिडेविट) ले लें कि जब वे चाहेंगे वकील कैंटीन का हाल खाली कर देंगे। इस पर डीसी ने मौखिक रूप से हां कर दी और एसोसिएशन ने कैंटीन की अच्छी तरह से साफ-सफाई करवाकर वहां पर वकीलों के बैठने की व्यवस्था कर दी। इसके बाद नौ अप्रैल को अचानक तहसीलदार और नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ वहां आए और कैंटीन को ताला लगाकर चले गए।

जब इस बारे में एसोसिएशन के सचिव गौरव वधवा ने उन्हें कहा कि कैंटीन को ताला मत लगाओ और प्रधान के आने की इंतजार करें, हम बैठकर बात कर लेंगे तो दोनों अधिकारियों ने सचिव के साथ बदतमीजी की। प्रधान के अनुसार इसके बाद जब वकीलों का डेलिगेशन कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ डीसी से मिलने गया तो वे इस बात से मुकर गए और कहा कि कि उन्होंने अधिवक्ताओं को कैंटीन इस्तेमाल करने के लिए नहीं दी थी।

प्रधान ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीसी ने उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया। हालांकि वे डीसी से अनुमति लेकर कैंटीन में बैठने की व्यवस्था कर रहे थे, लेकिन डीसी इस बात से भी मुकर गए। इसके अधिवक्ताओं ने एक बैठक की और डीसी, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की अदालतों के बहिष्कार का फैसला कर दिया। अब वे राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को शिकायत करेंगे।
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न्यायिक परिसर में जो लिटिगेंट हॉल की कैंटीन के हॉल पर कुछ अधिवक्ताओं ने अपना व्यक्तिगत कार्यालय बना लिया था, जो कि न्याय संगत नहीं है और इस बात से इस जगह की जो उपयोगिता है, वह बाधित हो रही थी। इसी वजह से कब्जा हटवाया गया था। अधिवक्ताओं का शिष्ट मंडल 10 अप्रैल को मिलने आया था। उन सभी को कार्यालय में बुलाकर सम्मान सहित उनकी बात सुनी गई। संज्ञान में आया है कि इस बात को लेकर कुछ अधिवक्ताओं ने एतराज जताते हुए कहा कि उनका अनादर किया है। जबकि इस संदर्भ में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। किसी भी अधिवक्ता का अनादर नहीं किया है।- प्रशांत पंवार, जिला उपायुक्त, कैथल।
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