संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत क्षेत्र की सड़कों पर काफी समय से दौड़ रहे ओवरलोड मिट्टी डंपरों के खिलाफ चौशाला गांव के लोगों ने रोष जताया। इस मामले को लेकर पहले गांव मेंं बैठक हुई, इसमें टूटी सड़कों, सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना, सिंचाई संसाधनोंं, गलियों और अन्य संपत्ति को पहुंच रहे नुकसान के लिए ग्रामीणों ने डंपर संचालकों को जिम्मेदार ठहराया। बाद में बड़ी संख्या में नाराज ग्रामीणों ने दिल्ली-अमृतसर कटरा एक्सप्रेस हाई-वे निर्माण कार्य के लिए गांव मेंं लगाए गए परियोजना प्लांट को बंद करवा दिया।
उनका कहना था कि जब तक ओवरलोड मिट्टी व सडक़ निर्माण सामग्री डंपरों पर रोक नहीं लगाई जाती उनका विरोध जारी रहेगा। डंपरोंं के कारण 26 करोड़ से अधिक का नुकसान मुख्य व संपर्क मार्ग टूटने से हुआ है। सड़कें कच्चे रास्ते मेंं तब्दील हो चुकी हैं।
दिलबाग सिंह, मंदीप चौशाला, सुरेंद्र, रोहतास, महाबीर, महेंद्र सिंह, नफे सिंह, जगदीश व राजबीर सिंह ने कहा कि सर्व सम्मति से डंपर संचालकों के खिलाफ ठोस रणनीति तय करने का निर्णय लिया गया है। इस पर एजेंसी की तरफ से कर्मियों ने मामला अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद समस्या हल करवाने का आश्वासन देेते हुए प्लांट शुरू कर लिया।
जबकि समस्याओंं के समाधान के लिए निर्माण एजेंसी को शनिवार सुबह 10 बजे तक का समय दिया गया है। इसके उपरांत टूटी सड़कों को मुद्दा बनाते हुए अनिश्चित कालीन पड़ाव प्लांट पर दिया जाएगा।