संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत अनाज मंडी में धान की खरीद न होने पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने मंडी के गेट पर ताला लगा दिया।
भाकियू प्रदेश महासचिव जिया लाल के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता व किसान सुबह अनाज मंडी में जमा होना शुरू हो गए। भाकियू पदाधिकारियों ने अधिकारियों से बंद खरीद के कारणों की जानकारी मांगी। अधिकारियों की बातों से निराश होकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंडी में जम कर नारेबाजी और प्रदर्शन किया और मंडी गेट को ताला लगा दिया।
मंडी में धान की आवक के बीच किसानों की ओर से मंडी में की गई तालाबंदी से प्रशासन हरकत में आ गया। तुरंत मार्केट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे।
उन्होंने बताया कि वे निरंतर खरीद एजेंसियों के साथ सुचारू खरीद को लेकर संपर्क कर रहे हैं लेकिन एजेंसियां हरियाणा में मिलरों की हड़ताल का तर्क दे रही हैं। स्थिति से शीर्ष अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जियालाल ने कहा कि पहले 23 सितंबर से खरीद करने की सरकार द्वारा घोषणा की गई थी, लेकिन खरीद नहीं की। फिर किसानों की ओर से आंदोलन की घोषणा होने पर 27 सितंबर से खरीदने की सरकार ने घोषणा की।
उन्होंने कहा कि किसानों के वोट लेने के लिए सरकार द्वारा ने केवल दो दिन ही अनाज मंडी में खरीद करवाई गई। दो दिनों में जो धान सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया वह आज तक मंडी में ही पड़ा है। जिसकी जिम्मेदारी अभी तक आढ़तियों की है। भारी संख्या में किसान अपनी धान की फसल को लेकर मंडी में बैठे हैं पर उनकी पीआर धान की खरीद ही नहीं हो रही। इस स्थिति में मार्केट कमेटी के सचिव, हैफेड व वेयर हाउस के मैनेजर, डीएफएससी कैथल, एसडीएम, नायब तहसीलदार कलायत सभी हाथ खड़े कर गए और अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। खरीदी गई धान की लिफ्टिंग नहीं हो रही।
दूसरी ओर आढ़ती कहते हैं कि धान की खरीद करते ही सरकार अपनी जिम्मेदारी लेकर उसे अपनी जगह पर रखें हम जिम्मेवार नहीं है।
खरीद एजेंसी कहती हैं कि हमारे से मिलर लेगा तभी माल उठवाया जाएगा। हर साल किसान के साथ यही खेल खेला जाता है और षड्यंत्र कर उसे मंडी में सरेआम लूटा जाता है। उन्होंने बताया की बुधवार को भी एक मिलर कलायत मंडी में आया और उसने किसानों को केवल 1700 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदने की बात कही। जिस पर किसानों ने सिरे से इंकार कर दिया।
जियालाल ने कहा कि आढ़ती और एजेंसियां मिल साजिशन किसान को लूटने में लगी हैं। उन्होंने कहा कि यदि गुरुवार तक खरीद कार्य सुचारू नहीं होता तो तो भारतीय किसान यूनियन हरियाणा व संयुक्त किसान मोर्चा सख्त कदम उठाने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी आने वाली सरकार व प्रशासन की होगी।
मार्केट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया कि पीआर धान की सुचारू खरीद को लेकर वे गंभीर हैं। वेयर हाउस व हैफड़ खरीद एजेंसी से निर्धारित दिनों अनुसार खरीद शुरू करने के लिए संपर्क साधा जा रहा है। एजेंसियों ने वीरवार से खरीद को फिर से शुरू करने का भरोसा दिलाया है।