संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अब कॉलेजों में स्कूलों की तर्ज पर शिक्षक अभिभावक मीटिंग (पीटीएम) होगी। इससे अभिभावक अपने बच्चे की हर गतिविधि को जान सकेंगे। इस संदर्भ में उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी हुए हैं, अक्तूबर माह के अंत से इसकी शुरुआत होगी।
शिक्षक-अभिभावक की बैठक करवाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी युवा अवस्था में पहुंचते ही अपने माता-पिता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। अक्सर देखने में आ रहा है कि बच्चे घर से कॉलेज के लिए जाते हैं लेकिन कॉलेजों नहीं पहुंचते। वह दोस्तों की गलत संगत में फसकर अपना कीमती समय व अभिभावकों के पैसे बर्बाद करने लगे हैं।
स्थिति यह हो गई है कि अभिभावक अपने बच्चों को कॉलेज भेजने से कतराने लगे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि अभिभावक बहुत ही कम काॅलेज आ पाते हैं। यह व्यवस्था शुरू होने के बाद अभिभावकों को उनके बच्चों के बारे में बातचीत के लिए कभी भी बुला लिया जा सकेगा।
प्रोफेसरों का अभिभावकों से रहेगा तालमेल : अध्यापक व अभिभावक मीटिंग की पहल भविष्य में विद्यार्थियों के लिए उचित साबित होगी। इससे प्रोफेसरों व अभिभावकों का आपस में तालमेल बना रहेगा। अभिभावक इसके जरिये अपने बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे। जिला नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा विभाग राजेश सैनी ने बताया कि कॉलेज स्तर पर शुरू होने वाली शिक्षक अभिभावक मीटिंग एक सराहनीय कदम है।
इससे बच्चे अनुशासन में रहकर पढ़ाई करेंगे। इस व्यवस्था से अभिभावकों को पता रहेगा कि उनका बच्चा निरंतर कॉलेज में आ भी रहा है या नहीं और वह कैसी संगत में रहता है। कक्षा में उसका व्यवहार व आचरण कैसा है, वह अपने प्रोफेसर का कहना मानता है या नहीं।